नारद जयंती पर देवास में पत्रकारों की खास परिचर्चा
देवास। देवऋषि नारद जी की जयंती के पावन अवसर पर विश्व संवाद केंद्र मालवा और प्रेस क्लब देवास के संयुक्त तत्वावधान में जिले के पत्रकारों के लिए एक विशेष परिचर्चा का आयोजन किया गया। वरिष्ठ नागरिक संस्था में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “स्वदेशी दृष्टि, वैश्विक स्वर : भारतीय मीडिया का नया युग” रहा, जिसमें बड़ी संख्या में देवास के पत्रकारों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और आद्य पत्रकार देवऋषि नारद जी के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस महत्वपूर्ण परिचर्चा में मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एवं विचारक श्री कैलाश सनोलिया उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब देवास के अध्यक्ष ललित शर्मा ने की।
“नारद जी हम सभी पत्रकारों के प्रेरणास्रोत हैं”
प्रेस क्लब अध्यक्ष ललित शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि देवऋषि नारद जी हम सभी पत्रकारों के मन में विराजित हैं। वे सूचना संचार के आदि पुरुष और हम सबके प्रेरणा के स्रोत हैं, जिनका संपर्क तीनों लोकों में समान रूप से था।
मुख्य वक्ता कैलाश सनोलिया के उद्बोधन की प्रमुख बातें (Key Highlights)
मुख्य वक्ता श्री कैलाश सनोलिया ने पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों और वर्तमान परिदृश्य पर गहराई से प्रकाश डाला। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे:
- जनकल्याण के लिए हो सूचनाओं का प्रवाह: जिस तरह नारद जी तीनों लोकों के कल्याण के लिए संवाद और सूचनाओं का आदान-प्रदान करते थे, उसी प्रकार आज के पत्रकारों को भी जनकल्याण को अपना मुख्य ध्येय बनाना चाहिए।
- सत्य और विश्वसनीयता: पत्रकारिता हमेशा सत्य पर आधारित होनी चाहिए। समाज में पत्रकारों को विश्वसनीयता के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। जब आम जनता की समस्याएं प्रशासन या नेताओं से हल नहीं होतीं, तब वे पत्रकारों के पास आते हैं।
- स्वदेशी दृष्टि का व्यापक अर्थ: पत्रकारिता में ‘स्वदेशी दृष्टि’ की अत्यधिक आवश्यकता है। स्वदेशी का अर्थ केवल भारतीय उत्पादों का उपयोग करना नहीं है, बल्कि अपने पूर्वजों द्वारा बताए गए सत्य और विश्वसनीयता के पदचिन्हों पर चलना भी है।
भारतीय पत्रकारिता के दो युग और वर्तमान चुनौतियां
श्री सनोलिया ने भारतीय पत्रकारिता को दो युगों में विभाजित किया:
- स्वतंत्रता से पूर्व का युग: इसका मुख्य उद्देश्य देश को आजादी दिलाना था। माखनलाल चतुर्वेदी, महात्मा गांधी और बालगंगाधर तिलक जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी पत्रकार भी थे, जो समाचार पत्रों का संचालन करते थे।
- स्वतंत्रता के बाद का युग (वर्तमान समय): यह युग विश्वसनीयता कायम रखने और आम जनता की आवाज बनने का है।
सोशल मीडिया, AI और युवा पत्रकारों को सलाह
युवा पत्रकारों को मार्गदर्शन देते हुए उन्होंने सचेत किया कि वर्तमान में सोशल मीडिया (Social Media) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण भ्रामक और मिथ्या समाचारों (Fake News) का प्रवाह तेजी से बढ़ा है। युवा पत्रकारों को अपनी बौद्धिक क्षमता का उपयोग करते हुए इस भ्रामक जाल को तोड़ना चाहिए और समाज के सामने सत्य प्रस्तुत करना चाहिए।
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि और संचालन
- भूमिका एवं मंच संचालन: शेखर कौशल (सचिव, प्रेस क्लब देवास)
- अतिथियों का परिचय: सौरभ सचान
- अतिथियों का स्वागत: अनिल सिंह सिकरवार और मोहन वर्मा
- आभार प्रदर्शन: सैय्यद सादिक अली
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पत्रकार
इस गरिमामयी अवसर पर देवास प्रेस क्लब और मीडिया जगत की कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद रहीं। इनमें प्रमुख रूप से प्रेस क्लब देवास उपाध्यक्ष खुमान सिंह बैस, कोषाध्यक्ष सिद्धार्थ मोदी, सहसचिव अशोक पटेल, अरुण परमार, चेतन राठौड़, वरिष्ठ पत्रकार अतुल शर्मा, मुन्ना वारसी, जितेंद्र पुरोहित, अतुल बागलीकर, सत्येंद्र सिंह राठौर, मुकेश पांचाल, राजेंद्र पवार, नागेंद्र सिंह राजपूत, आनंद सिंह ठाकुर, राजेश पाठक, जयप्रकाश भाटिया, राजेश मालवीय, दीपेश जैन, सुरेश जायसवाल, कैलाश चौहान, मदन लाल धाकड़, अतुल जुनेजा, प्रताप सिंह ठाकुर, अरविंद त्रिवेदी, तनवीर शेख, चेतन उपाध्याय, डॉ. तिवारी, योगेश निगम, राम मीणा, अशोक वर्मा, ओमप्रकाश सेन, रणवीर चौहान, सुरेश चौहान, ओम प्रकाश पाटिल और संदीप राठौर शामिल थे।
साथ ही विश्व संवाद केंद्र के प्रकाश व्यास, जगदीश पंवार, डॉ. अमित सिंह ठाकुर, आशीष ठाकुर, रोहित माली और योगेश चौधरी सहित जिले के कई प्रतिष्ठित पत्रकार एवं साहित्यकार उपस्थित रहे।















