देवास: कोचिंग क्लासेस पर नगर निगम का शिकंजा, ‘डीसी क्लासेस’ सील, 5 अन्य को 7 दिन का अल्टीमेटम

देवास (Dewas News): शहर में संचालित कोचिंग संस्थानों में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर नगर निगम सख्त मोड में आ गया है। निगमायुक्त दलीप कुमार के सख्त निर्देशों के बाद बुधवार, 1 जुलाई को निगम की टीम ने शहर की 6 प्रमुख कोचिंग क्लासेस का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही मिलने पर निगम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

राम नगर स्थित ‘डीसी क्लासेस’ पर गिरी गाज

निरीक्षण के दौरान निगम की टीम जब राम नगर स्थित डीसी क्लासेस (DC Classes) पहुंची, तो वहां सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ती मिलीं। छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से कई गंभीर खामियां पाई गईं, जिसके चलते टीम ने तत्काल प्रभाव से कोचिंग को सील कर दिया।

डीसी क्लासेस में मिली मुख्य कमियां:

  • ​कोचिंग प्रथम तल (First Floor) पर संचालित थी, लेकिन प्रवेश और निकासी के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता था।
  • ​मौके पर कोई भी फायर इक्विपमेंट (अग्निशमन यंत्र) मौजूद नहीं था।
  • ​ऊपर जाने वाली सीढ़ियां काफी क्षतिग्रस्त हालत में थीं।
  • ​आपातकालीन स्थिति या दुर्घटना से बचाव के कोई भी उपकरण वहां नहीं पाए गए।

अन्य संस्थानों में भी मिलीं खामियां, दस्तावेज नदारद

निगम की टीम ने सीजी ट्यूटोरियल (CG Tutorial) सहित अन्य 5 क्लासेस की भी बारीकी से जांच की। सीजी ट्यूटोरियल में हालांकि छात्र-छात्राओं के आने और जाने के लिए अलग-अलग रास्ते पाए गए, लेकिन वहां विद्युत सुरक्षा प्रमाण पत्र (Electrical Safety Certificate) मौजूद नहीं था।

​निगम के फायर अधिकारी जितेन्द्र सिसोदिया ने बताया कि जांच में शामिल अन्य कोचिंग संस्थानों के पास भी ‘फायर एनओसी’ (Fire NOC) और ‘फायर ऑडिट रिपोर्ट’ नहीं पाई गई। इसके अलावा कई जगह आग बुझाने वाले उपकरण बेहद कम मात्रा में उपलब्ध थे।

7 दिन का अल्टीमेटम: नहीं सुधरे तो होगी सीलिंग की कार्रवाई

नगर निगम ने सभी कोचिंग संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए व्यवस्थाएं सुधारने के लिए 7 दिन का समय दिया है। निगम ने स्पष्ट किया है कि तय समय सीमा के भीतर निम्नलिखित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं:

  • ​पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण लगाए जाएं और फायर NOC ली जाए।
  • ​विद्युत सुरक्षा प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से रखा जाए।
  • ​विद्यार्थियों के सुरक्षित आने-जाने के लिए अलग-अलग रास्तों की व्यवस्था हो।

​यदि 7 दिन के भीतर इन निर्देशों का कड़ाई से पालन नहीं किया जाता है, तो नगर निगम द्वारा संबंधित कोचिंग क्लासेस पर नियमानुसार सील करने की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।