देवास जिला अस्पताल की इमरजेंसी में हंगामा, डॉक्टर-स्टाफ और सुरक्षा गार्ड से मारपीट का आरोप

पर्ची बनवाने की बात पर शुरू हुआ विवाद, पुलिस पहुंची तो जवानों से भी झूमाझटकी; सीएमएचओ ने अस्पताल पहुंचकर लिया जायजा

देवास। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार देर रात मरीज के साथ पहुंचे परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच विवाद के बाद जमकर हंगामा हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ और सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की गई। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस टीम के साथ भी झूमाझटकी की गई। करीब 15 से 20 मिनट तक इमरजेंसी वार्ड में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।

इलाज के दौरान ओपीडी पर्ची बनवाने को लेकर हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे कुछ लोग एक मरीज को लेकर जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे थे। ड्यूटी पर मौजूद डॉ. क्षितिज वर्मा और मेडिकल स्टाफ ने मरीज का उपचार शुरू कर दिया। इसी दौरान परिजनों से औपचारिक प्रक्रिया के तहत ओपीडी पर्ची बनवाने के लिए कहा गया।

बताया जा रहा है कि इसी बात को लेकर मरीज के साथ आए लोगों ने विवाद शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर गाली-गलौज और मारपीट की स्थिति बन गई।

डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ से मारपीट का आरोप

आरोप है कि विवाद के दौरान पहले सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की गई। इसके बाद डॉक्टर और अन्य अस्पताल कर्मचारियों के साथ भी हाथापाई की गई। इमरजेंसी वार्ड में अचानक हुए हंगामे से वहां मौजूद मरीजों और उनके परिजनों में भी दहशत का माहौल बन गया।

पुलिस के पहुंचने पर भी हुआ विवाद

घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी अभद्रता और झूमाझटकी की। डायल-112 की टीम के पहुंचने पर कुछ लोगों द्वारा डंडे लेकर उनकी ओर बढ़ने की बात भी सामने आई है।

करीब 15 से 20 मिनट तक चले हंगामे के बाद थाना प्रभारी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद संबंधित लोगों को थाने ले जाया गया।

डॉक्टर ने कहा- बिना पर्ची के शुरू किया था इलाज

इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डॉ. क्षितिज वर्मा ने बताया कि मरीज का इलाज बिना पर्ची के ही तत्काल शुरू कर दिया गया था। केवल अस्पताल की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के लिए परिजनों से ओपीडी पर्ची बनवाने को कहा गया था। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ और डॉक्टरों, स्टाफ तथा सुरक्षा गार्ड के साथ मारपीट की गई।

डॉ. वर्मा ने मामले में कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही अस्पताल की इमरजेंसी में डॉक्टरों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की आवश्यकता बताई है।

शिकायत के आधार पर पुलिस कर रही कार्रवाई

कोतवाली थाना प्रभारी श्यामचंद्र शर्मा ने बताया कि जिला अस्पताल में कुछ लोगों द्वारा हंगामा और डॉक्टरों व अस्पताल स्टाफ के साथ अभद्रता की सूचना मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों की शिकायत के आधार पर मामले में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

सीएमएचओ ने किया इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण

घटना के बाद शनिवार सुबह सीएमएचओ डॉ. सरोजनी जेम्स जिला अस्पताल पहुंचीं और इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों से घटना की जानकारी ली।

सीएमएचओ ने कहा कि रात के समय अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने के संबंध में सिविल सर्जन से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और अस्पताल कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है और इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।