देवास जिला जेल में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की कथा ने बंदियों को दिया जीवन परिवर्तन का संदेश

“जेल की दीवारों के बीच गूंजा राम नाम, बंदियों ने लिया आदर्श जीवन का संकल्प”

देवास। जिला जेल देवास में बंदियों के नैतिक, आध्यात्मिक एवं सामाजिक उत्थान के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जीवन गाथा” पर आधारित भव्य श्रीराम कथा का बुधवार को पूर्णाहुति एवं महाआरती के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। कथा का आयोजन 18 जून से 24 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक जिला जेल परिसर में किया गया।

प्रख्यात कथा वाचक पंडित राजकुमार शर्मा “रामजी महाराज” ने सात दिनों तक भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, त्याग, मर्यादा, सेवा, करुणा एवं धर्म के संदेशों का विस्तार से वर्णन किया। कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि श्रीराम का जीवन प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, सदाचार, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता की प्रेरणा देता है। समापन अवसर पर विधि-विधान से हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति संपन्न हुई। इसके पश्चात महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें जेल प्रशासन, स्टाफ एवं बंदियों ने श्रद्धापूर्वक सहभागिता की। पूरे जेल परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। बंदियों ने भजन-कीर्तन में उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा कथा के दौरान प्राप्त आध्यात्मिक संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर जिला जेल अधीक्षक विद्या भूषण प्रसाद ने अपने उद्बोधन में कहा कि, “जेल केवल दंड का स्थान नहीं, बल्कि सुधार और आत्मचिंतन का केंद्र है। श्रीराम कथा जैसे आध्यात्मिक आयोजनों से बंदियों में सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों एवं आत्मविश्वास का विकास होता है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें मर्यादा, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का संदेश देता है। हमें विश्वास है कि इस कथा से प्राप्त प्रेरणा बंदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक सिद्ध होगी। भविष्य में भी जेल प्रशासन द्वारा ऐसे नवाचार एवं सुधारात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

” कथा आयोजन में मयूर राठौर एवं जयदीप तिवारी मित्र मंडल का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में जिला जेल देवास के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में आयोजकों एवं जेल प्रशासन द्वारा कथा वाचक पंडित राजकुमार शर्मा “रामजी महाराज” का सम्मान कर आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ।