नवपुण्य वासुपूज्य स्वामीजी की प्रथम प्राण प्रतिष्ठा वर्षगांठ धूमधाम से मनी, 3 दिवसीय महोत्सव में उमड़े श्रद्धालु

  • पंचशील नगर स्थित चंपापुरी धाम में आयोजित हुआ ‘त्रिदिवसीय जिनेंद्र भक्ति महोत्सव’
  • 1008 दीपों और आकर्षक फूल बंगले से सजा प्रभु का दरबार
  • दुर्लभ औषधियों से हुआ महाअभिषेक, सांसद सहित कई गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित

देवास। शहर के पंचशील नगर स्थित श्री नवपुण्य वासुपूज्य स्वामीजी चंपापुरी धाम में प्राण प्रतिष्ठा की प्रथम वर्षगांठ अपार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। इस पावन अवसर पर तीन दिवसीय ‘जिनेंद्र भक्ति महोत्सव’ का भव्य आयोजन किया गया। यह संपूर्ण महोत्सव पूज्य मुनिराज श्री कीर्तिन्द्र विजयजी, साध्वी अमिपूर्णा श्रीजी, अमिदर्शा श्रीजी, शुचिप्रज्ञा श्रीजी और सम्यकदर्शना श्रीजी के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ।

महोत्सव में तीन दिनों तक हुए विविध अनुष्ठान

प्रथम दिवस: दुर्लभ औषधियों से महाअभिषेक महोत्सव के पहले दिन शांति धारा महाअभिषेक का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न दुर्लभ औषधियों से प्रभु का अभिषेक कर विश्व शांति की कामना की गई।द्वितीय दिवस: 1008 दीपों की रोशनी और संगीतमय भक्ति : दूसरे दिन प्रभु का संपूर्ण दरबार सुंदर और सुगंधित पुष्पों से सजाकर आकर्षक ‘फूल बंगला’ बनाया गया। प्रभु श्री वासुपूज्य स्वामीजी को हीरे की विशेष अंग रचना से सुशोभित किया गया। मंदिर परिसर 1008 दीपकों की रोशनी से जगमगा उठा, जिसने सैकड़ों भक्तों का मन मोह लिया। शाम को भक्ति भावना के संगीतमय आयोजन में इंदौर के चिराग जैन ने प्रभु भक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति दी, जिसके बाद महाआरती संपन्न हुई।तृतीय दिवस: धर्म सभा और सिद्धि अनुष्ठान : अंतिम दिन श्री संघ की नवकारशी के पश्चात धर्म सभा का आयोजन हुआ। प्रभु को श्रीफल एवं कमल के फूल समर्पित कर सर्व सिद्धि दायक और सर्व विघ्न विनाशक ‘सिद्धि अनुष्ठान’ किया गया। इस दिन प्रभु की मनमोहक अंगरचना रतलाम की दीपा कोठारी द्वारा की गई।

प्रवचन: “निस्वार्थ सेवा से होता है विघ्नों का नाश” धर्म सभा को संबोधित करते हुए पूज्य मुनिराज श्री ने कहा कि, “जिनेश्वर परमात्मा की समर्पित भाव से की गई भक्ति ही हमें सर्व सिद्धि प्रदान कर सकती है। निस्वार्थ भाव से की गई प्रभु और मानव सेवा हमारे सभी विघ्नों का नाश कर हमें परम पद तक पहुंचाने में समर्थ है।

इस त्रिदिवसीय महोत्सव में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने उपस्थिति दर्ज कराई। इनके अलावा अन्य जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और धर्मलाभ लिया।