जनता की जान से खिलवाड़ करते नहीं मान रहे राजनैतिक दल

देवास। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी चन्द्रमौली शुक्ला द्वारा विगत 6 जनवरी को अपने पूर्व में जारी आदेश में आंशिक संशोधन करते हुए जिले में जनसमूह एकत्रीकरण के समस्त कार्यक्रम, प्रदर्शन प्रतिबंधित कर दिये है। विवाह समारोहो, अंतिम यात्रा, उठावने तक में शामिल होने वाले व्यक्तियों की संख्या निर्धारित कर दी है।

कलेक्टर के आदेश के साथ ही मॉ गंगा जन कल्याण समिति द्वारा प्रख्यात कथावाचक जया किशोरी जी की विशाल भागवत कथा निरस्त कर दी, लेकिन राजनैतिक दल, खासकर प्रमुख रूप से भाजपा एवं कांग्रेस द्वारा जिला प्रशासन के निर्देशों को नहीं माना जा रहा है। मास्क पहने होने एवं सैनेटाईजर की आड़ लेते हुए लगातार भीड़भाड़ वाले प्रदर्शन, कार्यक्रम आयोजित करते हुए कोरोना की तीसरी लहर के बढ़ते खतरे के बीच लोगो की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

कांग्रेस द्वारा पिछले दिनो मक्सी रोड़ स्थित निर्माणाधीन ब्रिज से पूर्व सड़क निर्माण की मांग करते हुए उग्र प्रदर्शन किया गया। स्थानीय सांसद, विधायक को जमकर कोसा गया। केन्द्र एवं राज्य सरकार के विरूद्ध जन जागरण यात्रा निकाली गयी।

भाजपा द्वारा पंजाब में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सुरक्षा में चुक के विरोध में लगातार प्रदर्शन किये जा रहे है। शिवाजी उद्यान में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मौन धरना दिया गया। भाजयुमो द्वारा मशाल रैली निकाली गयी। जिले में भी पुतला दहन सहित अन्य प्रदर्शन किये गये। पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ द्वारा विक्रम सभा भवन में प्रबुद्ध वर्ग संगोष्ठ आयोजित की गयी। सोमवार को भाजयुमो द्वारा कलेक्टर कार्यालय के सामने होते हुए सयाजी द्वार से तहसील चौराहे तक मानव श्रृंखला बनाई गयी तो अजा मोर्चा द्वारा अम्बेडकर प्रतिमा के समीप मौन धरना दिया गया। पुलिस प्रशासन इन प्रदर्शनो को मुकदर्शक बना देखता, व्यवस्था बनाने में जूटा हुआ है। राजनैतिक दलो के कोरोना संक्रमण के बीच इस प्रकार के प्रदर्शनो को लेकर जन सामान्य के मन में भी सवाल उठ रहे है कि क्या शासन, प्रशासन के सारे नियम कायदे, निर्देश सिर्फ आम जनो के लिये ही है।


समझने की बजाय एक दुसरे को कोस रहे नेता
कोरोना संक्रमण के बीच आए दिन हो रहे प्रदर्शनो को लेकर उठ रहे सवालो के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो के माध्यम से शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी एवं भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव खंडेलवाल का बयान भी सामने आया है। दोनो एक दुसरे पर दोषारोपण करते नजर आ रहे है। कांग्रेस अध्यक्ष राजानी का आए दिन हो रहे प्रदर्शनो को प्रशसन की विफलता बताते हुए कहना है कि प्रशासन को सर्वदलीय बैठक बुलाना चाहिए, सभी से समान व्यवहार करते हुए रोक लगाना चाहिये। पंजाब में पीएम की सुरक्षा में चुक को सभी गलत ठहरा रहे है, लेकिन इसको लेकर हर दिन प्रदर्शन करना क्या उचित है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष ने बयान आया है कि हम गंभीर है, सीमित संख्या में ही प्रदर्शनो में कार्यकर्ताओ को बुला रहे है, चाहे तो जिलेभर से हजारो कार्यकर्ता एकत्रित कर सकते है। प्रधानमंत्री आधुनिक भारत के निर्माता है। उनकी सुरक्षा में चुक कांग्रेस की सोची समझी साजिश है। हम यह बात जनता के बीच ले जा रहे है। कोरोना हो या कुछ भी हो, कांग्रेस अराजकता फैलाना चाहती है। वह सोचती है कि प्रधानमंत्री मोदी सभी को राष्टÑवाद से जोड़ देंगे तो उसकी जातिवादी एवं नफरत की राजनीति का क्या होगा। भाजपा और कांग्रेस नेताओ के इस प्रकार के बयानो पर लाख टके का सवाल यही है, जिला प्रशासन को सोचना होगा कि राजनैतिक दलो द्वारा कोविड के नियमो एवं प्रतिबंधात्मक आदेशो की धज्जियॉ उड़ाते लगातार किये जा रहे कार्यक्रमों, प्रदर्शनो को किस प्रकार रोका जाए…।