बरोठा (नितेश नागर)। विगत दिनों आशा कार्यकर्ता द्वारा एक विकलांग गर्भवती महिला से पैसे की मांग की गई थी । इस संबंध में विकलांग महिला के विकलांग पति धर्मेंद्र नागर द्वारा शिकायती आवेदन बरोठा उप स्वास्थ्य केंद्र पर बी .एम .ओ. धर्मेंद्र चौधरी को दिया गया था । तब इस विषय में जांच टीम गठित की गई थी , लगभग एक हफ्ता बीत जाने पर भी संबंधित कर्मचारी पर कार्यवाही नहीं होने पर शिकायतकर्ता के द्वारा ग्रामीणों को इकट्ठा कर उप स्वास्थ्य केंद्र का घेराव किया गया ।
ग्रामीणों के उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने पर संबंधित अधिकारी धर्मेंद्र चौधरी स्वास्थ्य केंद्र पर अनुपस्थित थे । इस विषय पर जब उनसे शिकायतकर्ता द्वारा चर्चा करनी चाही गई तो उन्होंने शिकायतकर्ता का फोन रिसीव नहीं किया । तब ग्रामीणों के द्वारा संबंधित टीम की सदस्य सुनीता सोलंकी से चर्चा की गई, तो उनका कहना था की बीएमओ साहब द्वारा टीम गठित कर इस पूरे मामले पर जांच चल रही हैं जांच पूर्ण होने के पश्चात दोषी पाए जाने पर संबंधित आशा कार्यकर्ता पर कार्यवाही कर बर्खास्त किया जाएगा । इस दौरान ग्रामीणों ने कहा कि जल्द से जल्द संबंधित आशा कार्यकर्ता पर कठोर से कठोर कार्रवाई कर बर्खास्त किया जाए, ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि यदि संबंधित आशा कार्यकर्ता सरोज नागर पर कार्यवाही नहीं की गई तो ग्रामीण जनों को उग्र आंदोलन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ करना पड़ेगा उसकी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की रहेगी ।
मौके पर से शिकायत कर्ता धर्मेंद्र नागर द्वारा पुनः सीएमएचओ को भी इस मामले के लिए अवगत करवाया गया, जिन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द से जल्द संबंधित दोषी कर्मचारी पर कार्यवाही की जाएगी ,तत्पश्चात शिकायतकर्ता द्वारा कलेक्टर महोदय से भी चर्चा कर इस मामले को उनके संज्ञान में भी दिया गया जिसमें कलेक्टर साहब ने सीएमएचओ से चर्चा कर दोषी कर्मचारी पर कार्रवाई करवाने का आश्वासन शिकायतकर्ता धर्मेंद्र नागर को दिया है । इस दौरान उपस्थित ग्रामीणजनो के द्वारा बरोठा बीएमओ पर भी आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए हैं । ग्रामीण जनों ने बताया कि बरोठा बीएमओ का स्वास्थ्य विभाग से संबंधित कर्मचारियों पर किसी प्रकार का कोई कंट्रोल नहीं है । लगभग सभी कर्मचारी अपनी मस्ती में ही मगन है, स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचने पर मरीजों को सही इलाज नहीं मिल पाता है । आए दिन बरोठा अस्पताल में विवाद की स्थिति बनती हैं , इसके बावजूद भी किसी जिलाअधिकारी का इस ओर ध्यान नहीं है। कि संबंधित बीएमओ को हटाकर किसी अन्य को कमान सौंपी जाए ,जो कि पूरे ब्लॉक का सही संचालन कर सकें एवं क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य संबंधित सभी योजनाओं का लाभ दिलवा सके ,कहने को तो बरोठा स्वास्थ्य केंद्र की करोड़ों की बिल्डिंग बनी हुई है । लेकिन स्वास्थ्य सेवा संबंधित कार्य ठीक से नहीं चल रहा है । लगभग सभी कर्मचारी नियम विरुद्ध कार्य करते हैं । ग्रामीण क्षेत्र के लगभग लगभग डिलीवरी केश को सीधे यहां से देवास ही रेफर किया जाता है । इस तरह के सैकड़ों मामलों पर ग्रामीणों द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई , इस दौरान उपस्थित ग्रामीण जन दिलीप पाटीदार, छतरसिंह नागर, अनोप जागीरदार ,पवन नागर ,महेंद्र वर्मा ,रोहित नागर, संतोष नागर ,नितेश नागर ,अर्जुन नागर ,आकाश सोनी ,प्रवीण राठौर ,संजय शर्मा ,अंतिम नागर आदि ग्रामीण जनों की उपस्थिति में दोषी कर्मचारी सरोज नागर पर कठोर से कठोर कार्यवाही कर बर्खास्त करने की मांग की गई । व आशा कार्यकर्ता पर जुर्माना लगाते हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई करने की भी मांग की गई ।
