देवास(नरेंद्र चौहन) । हाटपीपल्या स्थानीय चंद्रप्रभश्वेतांबर जैन मंदिर मे साध्वी अर्पित गुनाश्री मसा, साध्वी मंत्र निधिश्री मसा, बाल साध्वी सोहम निधिश्री मसा के सानिध्य मे नगर मे वर्षावास के दौरान शत्रुंजय तप तथा मासक्षमण तप की पहली बार दीर्घ तपस्या पूर्ण हुई। बम परिवार की प्रियंका देवेन्द्र बम ने 51 दिन तक निराहार रहते हुए केवल गर्म पानी के आधार पर यह कठोर तपस्या पूर्ण की। इस तपस्या की पूर्णाहुति के अवसर पर शुक्रवार को नगर मे बैंड बाजे, ढोल के साथ वरघोडा निकाला गया

जिसमें सभी समाज जनों ने अपने घर पर अक्षत गवली कर प्रभु को बधाया एवं प्रभु के जयकारे के साथ सभी युवा नृत्य करते हुए चल रहे थे और तपस्वी का बहुमान किया गया। वरघोड श्वैताम्बर जैन मंदिर से प्रारंभ हो कर नया बाजार, बस स्टैड, नृसिंह बाजार, महावीर मार्ग भ्रमण करते हुए गांधी चौक पर अतिथि भवन मे तपस्या अनुमोदना सभा मे परिवर्तित हुआ। यहां साध्वी अर्पित गुणाश्री मसा ने कहा की बम परिवार की तपस्वी प्रियंका बहन ने भिष्म तपस्या को दृढता से पूर्ण किया। यह तप कर्म की निर्जरा करने वाला तप है। जीवन के लिए भोजन करना चाहिये, न की भोजन के लिए जीवन। हम जन्म से ही भोजन कर रहे है। तप के द्वारा अणाहारी पद को प्राप्त करना है। तप हमारे कर्म के ढेर का नाश करने का एकमात्र उपाय है। अनुमोदना सभा को शांतिलाल सिसोदिया, प्रवीण चौधरी, संदीप काठेड़, शांतिलाल गामी, राजवीरसिंह बघेल आदी ने भी संबोधित किया। बोली लगाकर बहुमान का लाभ राजाराम सोनी, संजय, विजय सोनी परीवार ने लिया। संचालन तथा आभार अर्पित नाहर ने किया।














