शिवराज सरकार की अनुसूचित जनजाति वर्ग की कल्याणकारी योजना वनाधिकार पट्टा वितरण में भ्रष्टाचार करने की नियत से नोडल अधिकारी ने नहीं बांटे पट्टे

कन्नौद: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की मंसा वह नीति के विरुद्ध देवास जिले के कन्नौद अनुभाग क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति वर्ग के सैकड़ों भोले भाले गरीब मजदूर वर्ग से अपने स्वार्थ सिद्धि करने की नियत से सीताराम भगत सहायक शिक्षक-अधीक्षक-प्रभारी नोडल अधिकारी आदिम जाति कल्याण विभाग कन्नौद के द्वारा मध्य प्रदेश सरकार की योजनाओं के अंतर्गत आदिवासी को मिलने वाले वन अधिकार पट्टा को दिनांक 9 फरवरी 2021 से अपने घर में रख कर भ्रष्टाचार करने की नियत से पट्टा वितरण करने में जानबूझकर विलंब वह घोर लापरवाही की जा रही थी। सीताराम भगत नोडल अधिकारी के द्वारा जूठी मिथ्या मनगढ़ंत कहानी बनाकर सुनाने लगा। पट्टा वितरण नहीं करने व अपने घर पर रखने के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को भी सीताराम भगत के द्वारा लिखित में अवगत नहीं कराया गया है। देवास जिले की तहसील कन्नौद अनुभाग क्षेत्र के ग्राम खेरी नयापुरा चोरमाल, बावड़ीखेड़ा, हीरापुर, बोरानी, जिनवानी, डेहरी, मवाड़ा आदि ग्राम के सैकड़ों आदिवासी भाइयों के द्वारा नोडल अधिकारी के सीताराम भगत के विरुद्ध भ्रष्टाचार एवं लापरवाही की नियत के चलते पट्टा वितरण करने में विलंब करने के आरोप लगाए गए हैं और इस संदेशपद कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं। सीताराम भगत के द्वारा कई दावों को पात्र होने के बाद भी निराकरण नहीं किया गया है। व आदिवासी वन अधिकार पट्टे से पात्र होने के बावजूद वंचित है। इस संदर्भ में श्रीमती सुप्रिया विशेन जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग देवास को मोबाइल पर अवगत कराने के बावजूद भी सीताराम भगत के घर रखे पट्टों को जप्त नहीं किया गया। पंचनामा भी नहीं बनाया गया। कन्नौद अनुभाग क्षेत्र में जांच दल गठित कर पुन: सर्वे किया जाए व समस्त पट्टा हितग्राही पात्र अपात्र की जांच की जाए उनके कथन लिए जाए इसमें कई खुलासे होने की प्रबल संभावना है। सीताराम भगत पर तत्काल प्रभाव से प्रभावसील कार्रवाई नहीं होना को लेकर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के लोगों में काफी रोष है। वह आदिवासी वन अधिकार पट्टा के कार्य से तत्काल प्रभाव से प्रथक किए जाने की मांग की जा रही है लापरवाह भ्रष्ट के कारण शासन सत्ता की छवि धूमिल हो रही है।

सीताराम भगत नोडल अधिकारी कन्नौद के विरुद्ध घर में आदिवासी वन अधिकार पट्टे रखने के संबंध में दो दिवस की कार्य अवधि में लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएग- नरेंद्र सिंह धुर्वे एसडीएम कन्नौद

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