समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए आयोजित हुई उच्च स्तरीय गठित समिति की बैठक

• यूसीसी के संबंध में जनप्रतिनिधिगणों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यगणों, पत्रकारगणों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से सुझाव प्राप्त किए

• समान नागरिक संहिता में नागरिक समिति को अभी भी भेज सकते है ucc.mp.gov.in पोर्टल पर सुझाव

देवास। समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक मल्‍हार स्‍मृति मंदिर देवास में आयोजित की गई। बैठक में समिति के सदस्य डॉ गोपाल शर्मा द्वारा विभिन्न सामाजिक, विधिक एवं प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्‍होंने समान नागरिक संहिता के संभावित स्वरूप, विभिन्न राज्यों के अनुभव, सामाजिक समरसता तथा नागरिक अधिकारों से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे। बैठक में जनप्रतिनिधिगणों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्यगणों, पत्रकारगणों एवं प्रबुद्ध नागरिकों से सुझाव भी प्राप्त किए गये।

समिति सदस्य डॉ गोपाल शर्मा ने पारिवारिक कानूनों, महिलाओं के अधिकार, सामाजिक न्याय एवं संवैधानिक प्रावधानों के संबंध में सुझावों पर चर्चा की। उन्‍होंने आगामी चरणों में नागरिकों से संवाद एवं सुझाव प्राप्त करने के लिए ucc.mp.gov.in पोर्टल की जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव ucc.mp.gov.in पोर्टल पर भेज सकते है। संविधान में समानता के लिए यूसीसी लाने का प्रस्‍ताव है। इसी के लिए आज विचार विमर्श हो रहा है। कुछ प्रदेशो में पूर्व में यूसीसी लागू हो गया है। प्रदेश सरकार चाहती है कि यूसीसी लागू करने से पूर्व नागरिकों के सुझाव लिये जाये। यूसीसी का केन्‍द्र बिन्‍दु परिवार है।

डॉ गोपाल शर्मा ने कहा कि पारिवारिक संबंधो से ताल्लुकात रखने वाले जो कानून है, वो समान नागरिक संहिता के परिधि में आते है। मिसाल के तौर पर विवाह, विवाह विच्छेद, भरण पोषण, उत्तराधिकार, लिविंग है। हम सभी जानते है कि परंपरागत रूप से हमारे देश में विभिन्न प्रकार के धर्म समुदायों के लिए विभिन्न प्रकार के पारिवारिक लॉ लागू है। आजादी के बाद इनमें से कुछ कानूनों को सुधार करने की कोशिश की गई, लेकिन अभी भी बहुत से विषय ऐसे है जिनको सुधार नही किया गया है, जो परंपरागत रीति रिवाजों से चलते है।

समिति सदस्य श्रीमती शोभा पैठणकर ने यूसीसी के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि कोई भी कार्य सरकार अकेले नहीं कर सकती। उन्‍होंने कहा कि अनेकता में एकता हमारी पहचान है, सभी को मिलकर कार्य करना होगा। समिति सभी जिलों में जाकर सुझाव ले रही हैं। सुझावों के आधार पर ड्राफ्ट तैयार होगा।

बैठक में सांसद महेन्‍द्र सिंह सोलंकी, नगर निगम सभापति रवि जैन, जिला अध्‍यक्ष रायसिंह सेंधव सहित अन्‍य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्‍टर ऋतुराज सिंह, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद, नगर निगम आयुक्‍त दलीप कुमार, अपर कलेक्‍टर शोभाराम सोलंकी, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शांति समिति के सदस्यगण, पत्रकारगण, प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। बैठक के अंत में आभार अपर कलेक्‍टर संजीव जैन ने माना।