किसान कर्जमाफी को लेकर बीजेपी अभी फ्रंट-फुट पर बैटिंग कर रही थी। सीएम से लेकर मंत्री तक अपनी चुनावी सभाओं में यह जिक्र करते थे कि कमलनाथ ने वादा कर किसानों का कर्जा माफ नहीं किया है। उपचुनाव में जनता के बीच बीजेपी इसी मुद्दे को लेकर जा रही थी। लेकिन सरकार के एक कबूलनामे में बीजेपी की मुश्किलें बढ़ा दी है। सरकार अब इस कबूलनामे का ठीकरा अधिकारियों पर फोड़ रही है।
सरकार ने विधानसभा में लिखित उत्तर में स्वीकार किया है कि अब तक किसान कर्जमाफी के 20 लाख 23 हजार 136 प्रकरणों में 7108 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने सदन में कहा है कि 26.95 लाख किसानों का 1 लाख रुपये तक का कर्ज माफ हुआ है।
सरकार के एक कद्दावर मंत्री ने अधिकारियों के सिर पर ठीकरा फोड़ दिया है। शहरी विकास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा कि अधिकारियों ने इस संबंध में प्रदेश विधानसभा को गलत जानकारी दी है। जांच के बाद सही जानकारी दी जाएगी। सिंह ने पिछली कांग्रेस सरकार पर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना से जुड़े आंकड़े केंद्र को नहीं देने का भी आरोप लगाया है।
राहुल गांधी ने भी किया अटैक
सरकार के कबूलनामे पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हमला किया है। राहुल गांधी ने कहा है कि कांग्रेस ने जो कहा, सो किया, बीजेपी सिर्फ झूठे वादे। वहीं, एमपी कांग्रेस ने कहा कि कमलनाथ की सरकार ने 27 लाख किसानों का कर्जमाफ किया। हमेशा सच बोला। शिवराज सरकार ने कर्जमाफी योजना बंद की और हमेशा झूठ बोला है।
चंचल भारतीय✍️
