टोंकखुर्द (विकेश जैन)। अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस के अंतर्गत सोलोडरिडाड द्वारा कार्यक्रम का आयोजन ग्राम खरेली व टोंकखुर्द में किसानों के साथ किया गया। जिसमें किसानों को अधिक से अधिक जैविक खाद का प्रयोग। नरवाई ना जलाना। और जानवरों की रक्षा करना आदि पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही यह भी बताया गया कि प्रकृति हमारे अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण है। प्रकृति हमें ऑक्सीजन प्रदान करती है हमारे मौसम के पैटर्न को नियंत्रित करती है हमारी फसलों को परागित करती है हमारे भोजन चारा को फाइबर का उत्पादन करती है लेकिन इस पर दबाव बढ़ता जा रहा है मानव गतिविधि ने पृथ्वी की सतह के लगभग 75% हिस्से को बदल दिया है जिसमें वन्य जीवन और प्रकृति ग्रह के एक छोटे से कोने में फैल गई है जैव विविधता और परिस्थिति की तंत्र सेवा पर 2019 की वैश्विक आकलन रिपोर्ट के अनुसार लगभग एक मिलियन जानवरों और पौधों की प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा है। रिपोर्ट ने प्रकृति को बहाल और उसकी रक्षा करने के लिए परिवर्तनकारी परिवर्तनों का आह्वान किया और यह पाया गया कि परिस्थितिक तंत्र का स्वास्थ्य जिस पर हम और अन्य सभी प्रजातियों निर्भर है। पहले से कहीं अधिक तेजी से बिगड़ रही कटाई और मरुस्थलीकरण मानव गतिविधियों और जलवायु परिवर्तन के कारण सतत विकास के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। एवं लाखों लोगों के जीवन और आजीविका को प्रभावित किया है। वन पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। एवं आजीविका में सुधार कमजोरियां को कम करने और अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम को कम करने के लिए भूमि की बहाली में निवेश महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का संचालन सोलोडरिडाड की टीम दिनेश मालवीय चेतन पलातिया ने किया।














