आक्रोशित किसानों ने किया राष्ट्रीय राजमार्ग पर 2 घंटे चक्का जाम

किसानों ने संगठित होकर दबाव पूर्वक नहर का पानी नदी में छोड़ने पर.. नहर तबके के किसान हुए आक्रोशित

कन्नौद: आक्रोशित किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम किलोदा के समीप सतखलिया पर शुक्रवार रंगपंचमी के दिन 2 घंटे तक किया चक्का जाम किया।

दातूनी परियोजना के अंतर्गत सुखलिया ठिकरिया बांध का का पानी किसानों के द्वारा सिंचाई अधिकारी की अनुमति के बगैर दुधवास,रंथा, बुरूट, पीपलकोटा, खेरखेड़ा, चीचली, झाबरिया, चीचली मगरिया, डेहरिया, गुड़िया बामनी, कोठड़ा कोटडी,के सैकड़ों किसानों ने संगठित होकर सुखलिया डैम पहुंच कर नहर का गेट खोल कर नदी में पानी छोड़ने पर
नहर तबके के ग्राम रतवाय, चपलासा, बागनखेड़ा, डोकाकुई, पांगरा, गुड़वेल, बागनखेड़ा, के किसान आक्रोशित होकर राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर चक्का जाम किया । बागन खेड़ा के किसान विलास पटेल ने बताया कि डैम में पानी बहुत कम है हम किसानों के हक का पानी नियम विरुद्ध दबाव पूर्वक नदी में छोड़ा गया है। इसी के विरोध में चक्का जाम किया है। जिस कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दोनों और बहुत लंबा जाम लग गया। यात्री बस भी चक्का जाम में फंसी रही यात्री बस में हरदा निवासी श्रीमती इंदिरा कुलकर्णी बीमार थी एवं इटारसी से इंदौर की ओर जा रही बुजुर्ग महिला शोभा अग्रवाल यात्री सफर कर थी। जिन्होंने हमारे संवाददाता को बताया कि 2 घंटे से हम परेशान हो रहे हैं। श्रीमती प्रेम बाई हरदा से इंदौर इलाज कराने जा रही हैं डॉक्टर ने जांच के लिए भूखा बुलाया था लेकिन चक्का जाम में फस जाने के कारण तबीयत बिगड़ रही है।राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर चक्का जाम की सूचना मिलते ही मौके पर किसानों से चर्चा करने पहुंचे तहसीलदार नागेश्वर प्रसाद पनिका, नायाब तहसीलदार अविनाश सुनानिया, थाना प्रभारी महेंद्र सिंह परमार किसानों को चक्का जाम खत्म करने की अपील करते रहे । प्रशासन के द्वारा तत्काल डैम पहुंचकर नदी व नहर का पानी का निकास संपूर्ण रुप से बंद कराने के बाद भी किसान राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम करते रहे।आक्रोशित किसानों की संख्या बढ़ता देख पुलिस महकमे के पुलिस एसडीओपी बृजेश सिंह कुशवाहा ने मोर्चा संभाला किसानों से चर्चा कर किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग से चक्का जाम खत्म करने की सहमति जताई और राष्ट्रीय राजमार्ग का यातायात चालू कराया गया।
एसडीएम नरेंद्र सिंह धुर्वे,ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया जिसके कारण स्थानीय प्रशासन के अधिकारी 2 घंटे तक सिंचाई विभाग के अधिकारियों का आने का इंतजार करते रहे।
सिंचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री भगत सिंह संकत, एसडीओ गुंजन सक्सेना ने नदी तबके के किसानों को सख्त लहजे में हिदायत देते हुए कहा कि नहर के कर्मचारियों पर दबाव बनाकर नदी में जबरदस्ती पानी छोड़ने का काम किया गया है। यह नियम के विरुद्ध है। इस वर्ष हमारे पास पर्याप्त पानी डैम में नहीं है जिस कारण नहर का पानी नदी में हम नहींहीं छोड़ सकते।
सिंचाई विभाग के एसडीओ गुंजन सक्सेना ने यह भी कहा कि मुझे प्रशासन स्तर से लिखित में आदेश नहीं है। आप की मांग को देखते हुए देवास कलेक्टर महोदय से बात कर को किसानों के हित मे होगा वह काम किया जवेगा।
राजेश पटेल किसानों का दर्द बयां किया गया है की मूंग की फसल की बोनी हो चुकी है पानी के अभाव में फसल बर्बाद होने का खतरा मंडरा रहा है.. किसानों ने आरोप लगाया है कि सिंचाई विभाग के द्वारा पूर्व में घोषणा हो जाती तो हम किसान मूंग की बोनी नहीं करते।

चंचल भारतीय✒️