अब देवास मे भी इंदौर की तरह बिजली केस्मार्ट मीटर लगा दिए जाएंगे। इसके लिए नियुक्त की गईकोलकाता की कंपनी ने शहर में सर्वे शुरू कर दिया है।कंपनी को दो साल में अपना काम पूरा करने का समयदिया गया है। स्मार्ट मीटर लग जाने के बाद घर पररीडिंग लेने के लिए कर्मचारी नहीं आएंगे। ऑटोमेटिकरीडिंग दर्ज हो जाएगी। बिल का भुगतान नहीं होने परकंट्रोल रुम से ही घर की बिजली बंद कर दी जाएगी।शहर में 62 हजार बिजली उपभोक्ता है, जिनका सर्वेहोगा। किस ट्रांसफार्मर से कितने उपभोक्ता कनेक्ट है,इसकी भी सूची बन रही है। इसके आधार पर कंपनीतय करेगी कि कितने संसाधन कहां जुटाई जानी है।
स्मार्ट मीटर लगने से बिजली कंपनी का कोई कर्मचारीकिसी के घर मीटर रीडिंग लेने नहीं जाएगा। ऑटोमेटिकरीडिंग कार्यालय से हो जाएगी । कंट्रोल रूम में इसकीभी जानकारी रहेगी कि किसके मीटर में बिजली प्रतिदिन कितनी खपत हो रही है। अगर किसी दिन बिजलीखपत नहीं होती है या मीटर बंद है तो यह भी बिजलीकंपनी के कंट्रोल रूम में मशीन बता देगी कि मीटरक्रमांक इतना बंद है। इसके बाद उस घर पर बिजलीकंपनी के कर्मचारी उसी मकान में मीटर को चेक करेंगे।गड़बड़ पाया गया तो कार्रवाई करेंगे। मीटर बिजलीकंपनी की मोबाइल एप उर्जस से भी कनेक्टेड रहेगा।लाइव जानकारी उपभोक्ता कभी भी अपने मोबाइल सेही देख सकेगा।
2 महीने शहर का सर्वे चलेगा
बिजली कंपनी शहर के कार्यपालन अधिकारी सतीशकुमरावत ने बताया शहरी क्षेत्र का स्मार्ट मीटर केलिए सर्वे कराना चालू कर दिया है। करीब 2 महीनेशहर का सर्वे चलेगा। इसके बाद अगली प्रक्रियाहोगी। स्मार्ट मीटर से लोगों की यह समस्या खत्महो जाएगी कि हमारा मीटर खराब है। रीडिंग कमआ रही है, ज्यादा आ रही है। सारा सिस्टम हाईटेकहोगा। बिजली चोरी रुकेगी। कोई बिजली मीटर सेछेड़खानी नहीं कर पाएगा। लोगों को ऑफिस नहींआना पड़ेगा।
बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री अमित सक्सेना नेबताया-कोलकाता की कंपनी को नियुक्त किया गयाहै। उन्होंने काम चालू किया है। दो साल में काम पूराकरना है। यह योजना केवल देवास शहर के लिए है।जिले में बाकी जगह पूर्व की तरह ही व्यवस्था रहेगी।














