कलेक्टर श्री शुक्ला ने आगामी त्यौहारों एवं धार्मिक कार्यक्रमों को दृष्टिगत रखते हुए संशोधित प्रतिबंधात्मक आदेश किये जारी

• प्रतिमा/ताजिये(चेहल्लुम) के लिए पण्डाल का आकार अधिकतम 30×45 फीट

• विसर्जन स्थल पर जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति

• जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित निर्धारित विसर्जन स्थलों पर ही सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए प्रतिमाएं/ताजियों का होगा विसर्जन

• कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक/सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी

? हिन्दुओं के त्यौहारों के पूर्व लगाई गई धारा 144 के विरोध में विहिप, बजरंग दल ने कलेक्टर को दिया था ज्ञापन??

देवास। आगामी समय में हिन्दुओं के त्यौहार प्रारंभ होने वाले है, लेकिन प्रशासन द्वारा जिले में धारा 144 लगा दी गई है। धारा 144 को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को जिला कलेक्टर से मिला और इस संबंध में मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जिला उपाध्यक्ष जसवंत सिंह ठाकुर ने बताया कि कुछ ही दिनों में हिन्दुओं के परंपरागत त्योहार गणेश उत्सव एवं नवरात्रि पर्व आने वाला है। ऐसे में धारा 144 के तहत लगाए गए प्रतिबंधात्मक आदेशों के कारण हिन्दू समाज किस प्रकार अपने इन त्योहारों को मना पाएगा। धारा लगने के चलते इन त्योहारों को मना पना असंभव है। हर वर्ष अकसर देखने में आया है कि जैसे ही हिन्दू समाज के त्यौहार प्रारंभ होने वाले होते है। उसके पूर्व प्रशासन द्वारा धारा लगा दी जाती है। लगता है प्रशासन धीरे-धीरे हिन्दू समाज के त्यौहार को मनाने की परंपरा खत्म करना चाहता है। विश्व हिन्दू परिषद ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सम्पूर्ण हिन्दू समाज की ओर मांग की है कि जिले से धारा 144 हटाई जाए, ताकि हिन्दू समाज परम्परागत त्योहारों को पूरे उत्साह व उमंग के साथ मना सके। कलेक्टर ने उच्च अधिकारियों से बात कर धारा में आवश्यक संशोधन करने हेतु आश्वस्त किया था।

कलेक्टर श्री शुक्ला ने आगामी त्यौहारों एवं धार्मिक कार्यक्रमों को दृष्टिगत रखते हुए संशोधित प्रतिबंधात्मक आदेश किये जारी??

देवास। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री चन्द्रमौली शुक्ला ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144, The Epidemic Disease Act, 1897 एवं National Disaster Management Act-2005 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए सम्पूर्ण जिले में आगामी त्यौहारों एवं धार्मिक कार्यक्रमों को दृष्टिगत रखते हुए संशोधित प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किये है।
जारी आदेशानुसार प्रतिमा/ताजिये(चेहल्लुम) के लिए पण्डाल का आकार अधिकतम 30×45 फीट नियत किया है। झाकी निर्माताओं को निर्देशित किया जाता है कि वे ऐसी झांकियों की स्थापना एवं प्रदर्शन नहीं करे जिनमें संकुचित जंगह (Constricted Space) के कारण श्रद्धालुओं/दर्शकों की भीड़ की स्थिति बने तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना हो सके। झांकी स्थल पर श्रद्धालुओं/दर्शकों की भीड़ एकत्र नहीं हो तथा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो इसकी व्यवस्था आयोजकों को सुनिश्चित करना होगी। मूर्ति ताजिये (चेहल्लुम) का विसर्जन संबंधित आयोजन समिति द्वारा किया जाएगा। विसर्जन स्थल पर ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिए आयोजकों को संबंधित एसडीएम से लिखित अनुमति प्राप्त किया जाना आवश्यक होगा। जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित निर्धारित विसर्जन स्थलों पर ही सोशल डिस्टेंसिग का पालन करते हुए प्रतिमाएं/ताजियों का विसर्जन किया जाएगा। कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक/सामाजिक आयोजन के लिए चल समारोह निकालने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए सामूहिक चल समारोह की अनुमति नहीं होगी। लाउड स्पीकर बजाने के संबंध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाईड लाईन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा। सार्वजनिक स्थानों पर कोविड संक्रमण से बचाव के तारतम्य में झांकियों/पाण्डालों/ विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालु/दर्शक फेस कवर सोशल डिस्टेंसिंग एवं सेनेटाईजर का प्रयोग के साथ ही राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जावे। इस आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा एवं पूर्व में जारी कोरोना संबंधित आदेश यथावत रहेंगे।