कॉलोनाइजर ने लालच देकर बेच दिए प्लाट, 7 वर्ष से मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहवासी

रजिस्ट्री में 20 बाय 45 का बताकर रहवासियों को दिए 20 बाय 40 के प्लाट

देवास। शहर की कॉलोनियों में प्लॉट बेचने के नाम पर एक बार फिर लोगों के साथ छलावा करने का मामला सामने आया। वार्ड क्रमांक 13 स्थित डायमण्ड कालोनी के लोग विगत 7 वर्षों से मूलभूत सुविधा सड़क, बिजली एवं पानी से  से वंचित है। रहवासियों का कहना है कि कॉलोनाइजर ने हमारे साथ धोखाकर प्लाट बेच दिए, लेकिन आज तक सुविधाए उपलब्ध नही कराई गई। उपरोक्त समस्याओं को लेकर कालोनीवासियों ने रविवार को विरोध प्रदर्शन किया। 

रहवासी विशाल शर्मा, विनोद जायसवाल, दिनेश पंचोली एवं संजय सेंधव ने बताया कि कॉलोनाइजर मुशीर हाशमी एवं पंकज देवलिया ने सन 2013 में डायमण्ड कालोनी कांटी थी। दोनो कॉलोनाइजरों द्वारा नियमानुसार सुविधाएं नही दी गई। इन्होंने प्लाट कांटकर रजिस्ट्री भी करवा दी गई। प्लाट विक्रय के समय हमसे कहा गया कि कालोनी बसने के बाद सभी मूलभूत सुविधाएं दी जाएगी, लेकिन आज 7 वर्ष हो गए कॉलोनाइजर इस ओर झांकते भी नही है। रहवासियों ने कहा कि हम अपनी समस्या लेकर वार्ड के पूर्व पार्षद नरेन्द्र यादव के पास भी गए तो उन्होंने कहा कि इस कालोनी की एनओसी नही है। मैं आपका निराकरण नही कर सकता। भले हीं आप हमें वोट दे या न दे। हमारी कालोनी में बिजली के पोल तक नही है। सभी कालोनीवासियों ने सीताराम नगर से अस्थाई कनेक्शन ले रखे है। जिसका बिल 3 हजार से 5 हजार रूपए आता है। थोड़ी सी हवा-आंधी में बिजली गुल हो जाती है। लेकिन हम मध्यमवर्गीय और मजदूर वर्ग से है। इस कारण इतना बिल नही भर सकते। विद्युत मण्डल ने लापरवाही पूर्वक सीताराम नगर में एक ही खम्भे पर बहुत नीचे की ओर सारे मीटर लगा दिए, जिससे दो बार बड़ा फाल्ट भी हो चुका है। कभी भी बड़ी घटना हो सकती है। जहां मीटर लगा है वही पास के निवासी ने कई बड़ी घटना न हो इस हेतु अपने घर मकान बेचने का बोर्ड लगा दिया। जब से कालोनी बसी है तब से सड़क व नाली नही बनी। रहवासी जब कॉलोनाइजर के पास जाते है तो बोलता है कि मैंने प्लाट बेंच दिए है। इससे ज्यादा और कुछ नही कर सकता। कालोनीवासियों ने अपनी समस्या कई बार निगम आयुक्त, कलेक्टर से मिलकर बताई। लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नही मिला और ना ही समस्या का निराकरण हुआ। कॉलोनाइजरो ने हमसे सबसे बड़ा धोखा उस समय किया जब विक्रमय के समय रजिस्ट्री में 20 बाय 45 बताई और जबकि हमें 20 बाय 40 के ही प्लाट दिए गए। कालोनीवासी प्रवीण राजपूत, बबलू भैया, ईश्वर भैया, दीपक भैया, राजेश, सुरेश भारती, अनिल शर्मा, जितेन्द्र सेंधव, श्रीमती शकीना, दीपक, लखनलाल तिवारी, हुकूमसिंह, जुझारसिंह, सुरेश कसुमिया, अशोक भैया, शेखर चौधरी, मनोज पटेल, उत्तमसिंह, जितेन्द्र सेंधव, ज्ञानसिंह सहित समस्त लोगों ने निगम प्रशासन व कलेक्टर से मांग की है कि उपरोक्त समस्याओं का 7 दिन की अवधि में निराकरण किया जाए। अन्यथा हमारे द्वारा निगम का घेराव एवं चक्काजाम किया जाएगा।