देवास। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। एक 15 वर्षीय किशोर को इंजेक्शन लगाते समय सुई उसके कूल्हे में ही फंस गई, जिसे अस्पताल का स्टाफ काफी प्रयासों के बाद भी नहीं निकाल सका। बाद में किशोर को इंदौर रेफर किया गया, जहां एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन कर सुई निकाली गई। मामला कुछ दिन पूर्व का बताया जा रहा हैं जिसके बाद किशोर का 16 जून को इंदौर की निजी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया।
जानकारी के अनुसार, समक्ष सोनगरा (15 वर्ष) को गर्दन में ऐंठन और दर्द की शिकायत होने पर सोमवार को जिला अस्पताल लाया गया था। उपचार के दौरान उसे इंजेक्शन लगाया जा रहा था, तभी इंजेक्शन की सुई टूटकर कूल्हे के अंदर फंस गई। घटना के बाद अस्पताल के चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ ने सुई निकालने के प्रयास किए, लेकिन सफलता नहीं मिली।
स्थिति गंभीर होने पर किशोर को इंदौर रेफर किया गया। वहां एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के माध्यम से सुई को बाहर निकाला गया। ऑपरेशन के बाद किशोर की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
जन्मदिन अस्पताल में मनाना पड़ा
परिजनों के अनुसार, घटना वाले दिन समक्ष का जन्मदिन भी था। घर पर जन्मदिन की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन अचानक हुई इस घटना के कारण उसे इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। ऐसे में उसका जन्मदिन अस्पताल में ही मनाया गया।
परिजनों ने लगाए लापरवाही के आरोप
किशोर के रिश्तेदार रजत सिंह राजपूत ने जिला अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है और उपचार में भी लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों ने बताया कि वे इस संबंध में कलेक्टर को आवेदन देकर शिकायत करेंगे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और जिम्मेदारों पर उचित कार्रवाई की जा सके।
