दहेज की मांग व प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़ित महिला ने पति व ससुराल वालों के खिलाफ दिया पुलिस को आवेदन

महिला ने अपने बच्चो को पति से वापस दिलाने की मांग

देवास। दहेज की अवैध मांग व प्रताड़ना से परेशान होकर इंदौर जिले के ग्राम माचला निवासी महिला मीना रघुवंशी ने तेजाजी नगर पुलिस थाना इंदौर में आवेदन देकर शिकायत की। साथ ही देवास में भी संबंधित थाने में आवेदन देकर शिकायत की है। महिला ने बताया कि हिन्दू रीति रिवाज अनुसार 27 मार्च 2012 को देवास में हुआ था। मेरी एक 8 वर्ष की पुत्री एवं 5 वर्ष का पुत्र भी है। विवाह के पूर्व ससुराल पक्ष ने जो मकान हमे दिखाया था, लेकिन विवाह के बाद देखा तो एक झोपड़ीनुमा मकान पाया गया। इस प्रकार ससुराल वालों ने मेरे व मेरे परिवार के साथ धोखाधड़ी कर झूठा मकान बताकर विवाह करा लिया।

विवाह के बाद से मेरे पति व सास-ससूर द्वारा छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद करने लगे। साथ ही ताना देते थे कि तेरे पिता ने हैसियत के अनुसार दहेज नही दिया है। अब तू तेरे पिता के यहां से दहेज में 4,00,000 रूपए नगद एवं मोटर सायकल ले आएगी तो तुझे अच्छे से रखेंगे। मेरे द्वारा दहेज का मना करने पर पति द्वारा निर्दयता पूर्वक मारपीट कर तरह-तरह की यातनाएं देने लगे। साथ ही सास-ससूर बुरा बर्ताव करने लगे। उक्त पूरी घटना मैंने अपने परिवारजनों को बताई। ससुराल पक्ष वालों को रिश्तेदारों एवं परिवारजनों ने समझाईश भी दी, किंतु मेरे ससुराल वाले दहेज की मांग पर अड़ रहे। 3 फरवरी को रात्रि में अत्यधिक मारपीट कर घर से निकाल दिया। तब मैं अपने अवयस्क बच्चों को लेकर 4 फरवरी को बीएनपी पुलिस थाना रिपोर्ट करने पहुंची।

मेरे पति धीरज 11 फरवरी को मेरे घर आए और मुझे गालियां देने लगा। वहीं मेरे 8 वर्षीय पुत्र राज एवं 5 वर्षीय पुत्री हर्षिता को मुझसे छिनकर ले गया तथा जाते-जाते धमकी दी कि अगर दोनो बच्चे चाहिए तो दहेज की मांग पूरी कर देना एवं रिपोर्ट मत करना। नही तो मैं तुझे व तेरे दोनो बच्चों को जान से खत्म कर दूंगा। आए दिन मुझे फोन पर धमकियां दी जा रही है। पीडि़त महिला ने बताया कि मैं मानसिक व शारीरिक रूप से अत्यधिक परेशान हो चुकी हूँ। मेरा शराबी पति दोनो अवयस्क बच्चों के साथ कभी भी कोई गंभीर घटना को अंजाम दे सकता है। महिला ने मांग की है कि प्रताडऩा देने वाले ससुराल पक्ष व मेरे पति के खिलाफ दण्डात्मक कार्यवाही की जाकर मुझे मेरे बच्चे लौटाए जाए। महिला ने आवेदन की कॉपी पुलिस अधीक्षक कार्यालय, इंदौर एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी इंदौर को भी सौंपी। वन स्टॉप सेंटर (सखी) महिला एवं बाल विकास ने संबंधित को थाने को भी आवेदन देकर कार्यवाही की मांग की है।