देवास। गत 4 सितम्बर भोपाल में हुए बेरोजगार युवाओं के प्रदर्शन में लाठीचार्ज के बाद पूरे मप्र मैं बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन राज्यभर में फैल गया है। देवास के सयाजी गेट के पास पुष्पक मंडूक पर बेरोजगार युवाओं का सयुंक्त प्लेटफार्म बेरोजगारी विरोधी आंदोलन के तत्वावधान विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन को युवा संगठन एआयडीव्हायओ के राज्य सचिव प्रमोद नामदेव ने संबोधित करते हुए कहा कि राज्य व केंद्र सरकार रोजगार देने के नाम पर मौन धारण करी हुई। । पिछले 45वर्षो के बाद से आज बेरोजगारी अपने चरम पर है। ये कोरोनकाल काल के पहले का सरकारी आंकड़ा है। सरकार कोरोना का बहाना बना रही है। कोरोनकाल में 14करोड़ लोगों का रोजगार छीन गया है। पिछले 2महीनों के भीतर ही 2करोड़ से ज्यादा लोगों का रोजगार चला गया। लेकिन न केंद्र, न राज्य सरकार इस पर कुछ कह रही है। सरकार की शह पर मीडिया भी गैरजरूरी मुद्दे सुशांतसिंह, रिया चक्रवर्ती, कंगना राणावत को जान बूझकर उछाल रही है ताकि असल मुद्दों से ध्यान भटका सके। दिनेश ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी एक भयंकर रूप धारण कर चुकी है। प्रदेश के लाखों युवाओ का भविष्य अधर में। जैसे तैसे 9साल बाद निकली शिक्षाविभाग में इतने कम पदों पर शिक्षकभर्ती। आज परीक्षा हुए डेढ़ वर्ष से अधिक हो गया उसकी नियुक्ति का कोई अतापता नहीं, जबकि कोरोनकाल में बाकी सारे सरकारी कार्य सुचारू रूप से चल रहे है। पिछले 3साल से प्रदेश में कोई पुलिसभर्ती नही निकली है। जिसकी देरी के चलते लाखों युवा जो पुलिस की तैयारी में दिन रात एक कर रहे है वे युवा ओवरएज होने की कगार पर है। पटवारी अभ्यर्थी भी अपनी नियुक्ति को लेकर इंतज़ार में है। अखवार के माध्यम से आए दिन खबरें मिल रही है प्रदेश में बेरोजगार युवा आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठा रहे है। ये प्रदेश के लिए शर्मन्दगी की बात है। हम युवाओ से आह्वान करते है आत्महत्या न करे सड़को पर आए सीनतान कर आवाज़ बुलंद करें। लॉकडाउन के चलते लाखों लोगों का रोजगार छिन गया फिर भी राज्यसरकार ने कोई ठोस कदम नही उठाये बेरोजगार युवाओं के लिए। जब 4सितंबर को राजधानी भोपाल में बेरोजगार युवा बड़ी तादाद में एकत्रित होकर रोजगार को लेकर आवाज़ बुलंद करता है तो आपकी पुलिस बेरोजगारों पर बर्बर लाठीचार्ज करती है। और 44 प्रदर्शनकारियों पर मुकदमे दर्ज करके डराती है। ऐसे तानाशाही कार्यवाही की कड़ी निंदा करते हुए पुरजोर विरोध करते है। आगामी 28सितम्बर को शहीद भगतसिंह की जयंती है। इस अवसर पर 20से 28सितम्बर तक विरोध सप्ताह रखा गया है।
सरकार को हम चेतावनी देते है । बेरोजगार युवाओ से झूठे वादे नहीं-रोजगार दो। प्रदेश के सभी सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर तुरंत स्थाई भर्ती करो । मध्यप्रदेश में शिक्षकभर्ती पर लगी रोक को तुरंत हटाकर अविलंब नियुक्ति करो । माध्यमिक शिक्षक भर्ती में हिंदी , विज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान विषय के पदों की संख्या को बढ़ाया जाए। पिछले 3 सालों से रुकी हुई पुलिस कर्मियों की भर्ती जल्दी करो तथा सभी वर्दीधारी पदों में भर्ती की आयु 37 वर्ष की जाए। अभी हाल ही में एनएचएम के द्वारा निकाली गई । कम्युनिटी हैल्थ ऑफिसर की भर्ती मे कम्युनिटी हेेल्थ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को खत्म किया जाए व जिसने भी नर्सिंग का कोर्स किया है (जीएनएम, बीएससी, नर्सिंग) उन सभी को शामिल किया जाए। लॉकडाउन के चलते प्राइवेट स्कूल बंद होने से हज़ारो लाखों प्राइवेट टीचर्स के जीवन गुजऱबसर में बड़ा आर्थिकसंकट पैदा हो गया है। ऐसे अन्य कई संस्थानो में काम करने वाले प्राइवेटकर्मीयों के लिए जीवन जीने लायक पर्याप्त रूप में मासिक भत्ता दे। सभी चयनित पटवारियों को तुरंत नियुक्ति दी जाए। सभी संविदा कर्मियों व ठेका कर्मचारियों को स्थाई किया जाए। एमपीपीएससी 2020 की परीक्षा का नोटिफिकेशन तुरंत जारी किया जाए। प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टर, मेडिकल-पैरामेडिकल, लैब टेक्नीशियन, मेल-फीमेल नर्सिंग आदि स्टाफ़ की बड़ी संख्या में भर्ती करो। आईटीआई , स्टेनो , टाइपिंग, कंप्यूटर , इंजीनियरिंग पास किये हुए तथा एप्रेंटिस कर रहे सभी डिग्री – डिप्लोमा धारी अभ्यर्थियों को रोजगार देना सुनिश्चित किया जाए। एनआरए(नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी) लागू करना नहीं चलेगा। 4 सितम्बर भोपाल महाआंदोलन के प्रदर्शनकारियो पर दर्ज किए गए मुकदमे तुंरत वापस लो।
वरना भविष्य हम इस आंदोलन को और उग्र करेंगे जिसकी जिम्मेवारी राज्य सरकार की होगी। विरोध प्रदर्शन में रविन्द्र परिहार , चंदन सर, निशांत सर, रवि चौधरी, संदीप मालवीय, पालसिंह, रोहित, विजय, सुनील सहित बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा साथी शामिल हुए। प्रदर्शन का संचालन एआयडीव्हायओ के विनोद प्रजापति ने किया
