टोंकखुर्द(विकेश जैन) नगर में प्राचीन सिद्धिविनायक मंदिर में गणेश उत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। चतुर्थी से प्रारंभ हुआ जो अनंत चौदस तक दस दिवसीय धूम रही। रात्रि आठ बजते मंदिरों घरों एवं पंडालों में आरती की गूंज सुनाई देती थी। सिद्धिविनायक मंदिर पर पंडित लखन शर्मा नितिन ललित दिपेश नागर एवं समिति द्वारा प्रतिदिन भगवान का अभिषेक व श्रृंगार एवं महाआरती का आयोजन किया जाता था। अनंत चौदस के एक दिन पूर्व जनप्रतिनिधि एवं समिति द्वारा साधकों का सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। जिसमें साधकों को भेंट स्वरूप श्री सिद्धिविनायक की प्रतिमा एवं सिद्धिविनायक के दुपट्टे से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कोरोना से जंग लड़कर लोटे एवं नया जीवन लेकर आए वरिष्ठ डॉ गोपाल गुप्ता का भी सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन दीपेश नागर ने किया। पंडित लखन शर्मा ने श्रद्धालुओं को उदबोधन। मैं बताया कि अपने धर्म की मूल धारणा है कि धर्म की विजय हो और अधर्म का विनाश हो। हम यदि कोई गलत करते हैं वो अधर्म है। जैसे की हम अपने माता-पिता को नहीं पूछेंगे उनका सम्मान नहीं करेंगे तो हमारा विनाश संभव है। इसलिए धर्म की जय बनाए रखना है। अपने घरों में अपने माता-पिता व बड़ों का सम्मान करें। चतुर्थी से अनंत चौदस तक सिद्धिविनायक के प्रति श्रद्धा बनाए रखें। घर पर नियमित पूजा पाठ करें। अनादि काल में भगवान राम को भी समस्या आई थी लेकिन अपने धर्म को उन्होंने नहीं छोड़ा था तभी धर्म की विजय हुई। अनंत चौदस के रोज सुबह भगवान का अभिषेक हुआ एवं साधकों द्वारा विधि विधान से हवन पूजन हुआ। नगर की सभी मूर्तियों को गाड़ी में विराजमान कर धनेश्वर महादेव कुंड पर विधि विधान से पूजा पाठ कर नम आंखों से भगवान को विसर्जित किया। इसी प्रकार ग्राम कुलाला बुदासा एवं आसपास के गांव में एवं चिंतामन गणेश मंदिर पर समिति द्वारा उत्सव कार्यक्रम प्रतिदिन गरबा नींबू रेस ड्राइंग कंपटीशन चेयर रेस आदि प्रतियोगिता प्रतिदिन आरती के पश्चात की जाती थी एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।














