कन्नौद(चंचल भारतीय) : नगर परिषद के वाहनों द्वारा घर घर से कचरा संग्रहण का कार्य किया जाता है। परिषद द्वारा ट्रेन्चिंग ग्राउंड पर सूखे कचरे के प्रसंस्करण के लिए MRF सेन्टर, गीले कचरे से खाद बनाने के लिए प्लांट का निर्माण किया जा चुका है। लेकिन नागरिको द्वारा गीला और सूखा कचरा अलग अलग नही देने के कारण कचरे की प्रोसेसिंग नही हो पा रही है। अतः मुख्य नगरपालिका अधिकारी महोदय प्रमिला ठाकुर एवं उपयंत्री महोदय शिवम गुप्ता तथा स्वच्छता पर्यवेक्षक यतीन्द्र मंडलोई, ngo कर्मचारी सूरज चौहान कचरा संग्रहण वाहन के साथ घर घर गए। लोगो को गीला और सूखा कचरा क्या होता है इसके बारे में बताया और समझाइश दी कि घरो में दो डस्टबिन या बाल्टी रखे जिसमे गीला और सूखा कचरा अलग अलग हो । नगर परिषद द्वारा ये बताया गया कि कल से कचरा मिक्स देने पर चालानी कार्यवाही की जावेगी। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि लोगो को गीले सूखे कचरे की जानकारी नही है। नागरिको द्वारा गीला कचरा नालियों में या बाहर खाली जगह पर डाल दिया जाता है जिससे गंदगी होती है। गीले कचरे यानी किचन से निकलने वाला कचरा जिसमे सब्जी के छिलके, खराब खाना, फल के छिलके, खराब सब्जी फल, चाय पत्ती, झूठन, बचा खाना आदि आते है तथा सूखे कचरे के अंतर्गत प्लास्टिक,पॉलीथिन,धातु, पैकेजिंग मटेरियल, रबर, कार्डबोर्ड आदि चीजे आती है। इसके अलावा सेनेटरी वेस्ट और घरेलू हानिकारक कचरा के लिए भी कचरा वाहन में अलग कम्पार्टमेंट है। समस्त कन्नौद वासियो से नगर परिषद की विन्रम अपील है कि कचरा अलग अलग करके ही वाहन में डाले, नालियों में कचरा नही डाले। दुकानदार भी दो डस्टबिन अपनी दुकानों में रखे तथा कन्नौद स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दे ।
