नर्मदा ने दिखाया अपना रौद्र रूप तेज बारिश के चलते जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त,आपदा प्रबंधन को लेकर शासन प्रशासन की नाकामी हुई उजागर – कुंडल

कन्नौद| प्रदेश में भारी बारिश के कारण नर्मदा तटीय क्षेत्रों के ग्रामीण जनों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है,नर्मदा नदी खतरे के निशान से 20 फीट ऊपर बह रही है, देवास जिले के खातेगांव तहसील के गांव कोटखेड़ी ,रेवा तीर, सिरालिया,मिर्जापुर , तमखान, इमली घाट, मेलपिप्लिया,कड़ा,रजोर,कुंड गांव, तूरनाल,चीचली, दयत, बिजलगांव,मंडलेश्वर,करौंद,नेमावर, बाढ़ से 25 गांव से अधिक प्रभावित हुए हैं व सैकड़ों कच्चे-पक्के मकान जल मग्न होकर तबाह हो गए हैं, सोयाबीन मक्का, तुवर की फसल पानी में पूरी तरह डूब चुकी है,कांग्रेश पूर्व विधायक कैलाश कुंडल ने बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का नाव से यात्रा कर जायजा लिया वहां के वासियों ग्रामीण जनों के हालचाल जाने व रहवासियों ने बताया कि शासन प्रशासन की ओर से हमें कोई मदद नहीं मिली, प्रशासन की ओर से बारिश का पानी का स्तर बढ़ने को लेकर पूर्व में हमारे क्षेत्र में घोषणा भी नहीं की गई हमारे घर डूब गए, फसलें तबाह हो गई, हमारे घर में रखा खाने का अनाज पानी में बह गया ,गांव की विद्युत संचालन काट दिया गया, खाने पीने के लिए कर कोई व्यवस्था हमारे लिए नहीं की गई, प्रशासनिक महकमा नेमावर में ही लगा रहा,बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा कर कलेक्टर चंद्रमौली शुक्ला व पुलिस अधीक्षक शिवदयाल सिंह को भी आपदा प्रबंधन की नाकामी को लेकर श्री कुंडल ने नेमावर में मौखिक अवगत कराकर बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर सर्वे कराकर शीघ्र मुआवजा राशि प्रदान किए जाने की मांग की है।

? चंचल भारतीय कन्नौद