पहली बार पार्षद कैंडिडेट्स को देनी होगी चुनाव खर्च का डिटेल

मध्यप्रदेश – पार्षद के चुनाव में धनबल का उपयोग रोकने के लिए चुनाव आयोग ने खर्च की लिमिट तय करने के साथ खर्च का ब्योरा बताने के नियम बना दिए हैं। चुनाव की तारीख से 30 दिन के अंदर प्रत्याशी या उसके एजेंट को खर्च की डिटेल देनी होगी। गलत जानकारी दी तो चुनाव रद्द करने के साथ कैंडिडेट को अयोग्य भी घोषित किया जा सकता है।

ये जानकारियां देनी होंगी
पार्षद प्रत्याशी को खर्च की गई राशि का सोर्स, सार्वजनिक सभा, रैली, जुलूस, प्रचार सामग्री, केबल नेटवर्क, थोक SMS या इंटरनेट, सोशल मीडिया के जरिए प्रचार, वाहन, कार्यकर्ता और एजेंट पर खर्च, चुनाव अभियान में लगाई खुद की रकम, पार्टियों से मिला कैश- चेक, कर्ज, गिफ्ट और दान की रकम की डिटेल बतानी होगी।