• छह लोगों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का प्रकरण दर्ज
देवास। शहर के चर्चित कॉलोनाइजर प्रेम कुमार अग्रवाल की गुरुवार को हुई संदिग्ध मौत का मामला अब आत्महत्या के रूप में सामने आया है। मामले में एक सुसाइड नोट भी सामने आया है, जिसे परिजनों ने पुलिस को सौंप दिया है। वहीं यह सुसाइड नोट सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है। नोट में एक रिश्तेदार सहित दो कॉलोनाइजर और तीन अन्य व्यक्तियों के नाम दर्ज हैं, जिन पर करीब 100 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद छह लोग राजेश अग्रवाल, गौरव जैन, विशाल जैन, मुकेश जैन, सुमेर सिंह ओर सचिन के खिलाफ धोखाधड़ी और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस अभी विवेचना कर रही है आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जा सकती है।
जानकारी के अनुसार, प्रेम कुमार अग्रवाल की गुरुवार को इंदौर बायपास स्थित एक अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके बाद उनका पोस्टमार्टम सांवेर के शासकीय अस्पताल में कराया गया। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद से पूरे शहर में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
देर रात परिजन पहुंचे थाने : मामला आत्महत्या का होने की पुष्टि के बाद गुरुवार देर रात परिजन औद्योगिक थाना पहुंचे और पुलिस को सुसाइड नोट सौंपते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि सुसाइड नोट में मृतक ने कुछ लोगों द्वारा आर्थिक रूप से प्रताड़ित किए जाने और बड़े स्तर पर धोखाधड़ी का उल्लेख किया है।
बेटे ने लगाए गंभीर आरोप : मृतक के पुत्र विनायक अग्रवाल ने मीडिया के सामने आकर न्याय की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके पिता लंबे समय से मानसिक तनाव में थे और जिन लोगों के नाम सुसाइड नोट में लिखे गए हैं, वे उन्हें लगातार परेशान कर रहे थे।विनायक अग्रवाल ने कहा, “मैं प्रशासन और पुलिस से निवेदन करता हूं कि हमारे परिवार को न्याय मिले। सुसाइड नोट में जिन लोगों के नाम हैं, उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए।”उन्होंने बताया कि अंतिम समय में उनके पिता ने स्वयं यह सुसाइड नोट उन्हें सौंपा था और कहा था कि इसमें उन लोगों के नाम लिखे हैं जिन्होंने उन्हें सबसे अधिक परेशान किया।
पुलिस ने शुरू की जांच : शिप्रा थाने से मर्ग डायरी प्राप्त होने के बाद औद्योगिक थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट सहित सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल पूरे मामले पर शहर की नजरें टिकी हुई हैं और पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार किया जा रहा है।
प्रेमकुमार अग्रवाल आत्महत्या मामला: छह लोगों पर धोखाधड़ी व आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज
शहर के चर्चित प्रेमकुमार अग्रवाल आत्महत्या मामले में औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने राजेश अग्रवाल, गौरव जैन, विशाल जैन, मुकेश जैन, सुमेर सिंह एवं सचिन के विरुद्ध धोखाधड़ी तथा आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित (उकसाने) करने संबंधी धाराओं के तहत मामला कायम कर जांच शुरू कर दी है।पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों, दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर उक्त कार्रवाई की गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आए बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए आरोपियों के खिलाफ विधिसम्मत प्रकरण दर्ज किया गया है।
गौरतलब है कि कॉलोनाइजर प्रेमकुमार अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद मामला आत्महत्या का सामने आया था। घटना के बाद एक कथित सुसाइड नोट भी सामने आया था, जिसे परिजनों द्वारा पुलिस को सौंपा गया था। इसी मामले में पुलिस लगातार विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही थी।
प्रकरण दर्ज होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। वहीं आरोपियों की भूमिका की भी विस्तृत जांच की जा रही है।
इस मामले में शिप्रा थाने से जीरो पर मार्ग आया था। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। शशिकांत चौरसिया, थाना प्रभारी औद्योगिक क्षेत्र
