देवास। एस. कुमार्स लिमिटेड को प्रबंधक द्वारा 1 अप्रैल 2021 से विद्युत सप्लाई बंद करवा कर बंद कर दिया गया, जिससे कंपनी के श्रमिकों व समस्त स्टॉफ के सदस्यों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। बंद कम्पनी का कार्य ध्वनि टैरफेब्स प्राईवेट लिमिटेड में चल रहा है। जिससे कंपनी के श्रमिकों में आक्रोश व्याप्त है। कंपनी के श्रमिकों व स्टॉफ के सदस्यों ने एस. कुमार्स से जो टावेल, कपड़ा, कम्प्यूटर व डाटा ध्वनि टैरफेब्स प्राईवेट लिमिटेड में लाया गया है उसे वापस एस. कुमार्स में भेजने की मांग को लेकर युवा मजदूर संगठन एवं देवास टेक्सटाइल उद्योग मजदूर संगठन के बैनर तले गुरुवार को ध्वनि टैरफेब्स प्राइवेट लिमिटेड के गेट के सामने प्रदर्शन करते हुए कारखाना प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा। श्रमिक दुर्गा शंकर शर्मा एवं रणछोड़ पटेल ने बताया कि कंपनी एस.कुमार्स लिमिटेड 1 अप्रैल 2021 से प्रबंधक द्वारा बंद कर दी गई थी। उस समय कंपनी में 10 से 12 टन टावैल जो कलर करा हुआ रखा था वह इस कंपनी में रातों-रात लाया गया, उसे वापस भेजा जावें। कच्चा कपड़ा करीब पांच लाख मीटर कलर करा हुआ कपड़ा 2 लाख मीटर, कम्प्यूटर एवं डाटा भी कंपनी ध्वनि टैरफेब्स में लाया गया है। उसे भी एस.कुमार्स लिमिटेड में वापस भेजा जावे। एस.कुमार्स लिमिटेड जो कपड़ा बाहर ले जाकर ड्राईंग व कटींग करवाकर पार्टी को भेज रहे है वह माल एस.कुमार्स लिमिटेड में कटिंग करवा कर पार्टी को बेचा जावे। सभी श्रमिक व स्टाफ का वेतन, सोसायटी के रुपये, पी.एफ, ई.एस.आई, ई.एल तथा ग्रेज्यूटी का हिसाब नहीं होगा तब तक एस कुमार्स के श्रमिक यहां से माल बाहर नहीं जाने देंगे। श्रमिकों ने बताया कि ध्वनि टैरफेब्स कम्पनी भी एस. कुमार्स के मालिक शंभू कुमार कासलीवाल के बेटे-बेटी एवं काकी साहब की ही है। क्योकि हमारी कंपनी के अधिकारी यहां पर बैठते है। जैसा की सुभाष कटारिया साहब जो हमारी कंपनी में बैठते थे वह आज ध्वनि टैरफेब्स में बैठकर आज भी बाहर से कपड़े के ऑर्डर लाते है। आज भी जो पार्टी को कपड़ा बेचते है तो एस.कुमार्स का कार्ड व छाप भी ध्वनि में ही लगती है जो सेल्समेंन स्टॉफ इंदौर से आते थे वह भी ध्वनि में बैठते है। सलीम शेख व जितेन्द्र चौधरी तथा ललित भट जो एस.कुमार्स लिमिटेड का ही कपड़ा बनवाते है। वह बाहर बैठकर कपड़ा ड्राईंग करवा कर पार्टी को सेल करते है और एस.कुमार्स के श्रमिकों व स्टॉफ परिवार का शोषण करने की नियत से ध्वनि टैरफेब्स में कार्य कर रहे है। कंपनी के श्रमिकों ने मांग की है कि इस कंपनी का पूरा कार्य एस.कुमार्स कम्पनी चालू कर वहीं करवाया जावें। यदि कम्पनी चालू नहीं करना चाहते है तो श्रमिकों का पूरा पैसा देकर उनका हिसाब करे। सोसायटी का करीब 12,00,000/ – रूपये जमा नहीं करवाया वह भी अति शीघ्र जमा किए जाए। जो श्रमिक व स्टॉफ कार्य छोड़ चुके है उनकी ग्रेच्युटी करीब 62,00,000 / रूपये जो आपके द्वारा नहीं दिया गया उसे अति शीघ्र दिलाया जावें। स्टॉफ, परिवार का बोनस वर्ष 2019-20 का दिलाया जावें और यदि आपको कंपनी एस.कुमार्स नहीं चलानी है तो ग्रज्यूटी एवं छटनी मुआवजा तथा अन्य हित लाभ देकर श्रमिकों व स्टॉफ परिवार को सह सम्मान विदाई दी जावें। यदि शीघ्र ही श्रमिकों के हित में उचित कदम नहीं उठाए गए तो एस. कुमार्स के श्रमिकों व स्टॉफ द्वारा 23 सितंबर से पुन: ध्वनि टैरफेब्स कंपनी में गेट के पर धरना देकर आंदोलन किया जाएगा। जिसकी सम्पूर्ण कम्पनी व जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान सुभाष चौधरी, पवन चौधरी, मानसिंह धाकड़, रामविलास वर्मा, मुंशी खान, जगदीश बोंदा जी सहित बड़ी संख्या में श्रमिक व स्टॉफ के सदस्य उपस्थित थे।
