देवास। मोती बंगला निवासी कमलाबाई ने बताया कि मेरे पुत्र की हत्या की हत्या हो गई है तथा पुलिस इस मामले में अपराधियों का सहयोग कर रही है तथा उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रही है। कमलाबाई ने बताया कि उनका पुत्र पंकज मोती बंगला निवासी मुकेश पिता बाबूलाल नायक की गाड़ी पर हेल्पर का कार्य करता था। वह 16 सितम्बर को गाड़ी पर गया था तथा 25 सितम्बर को उसने घर पर बात भी की थी लेकिन उसके बाद से उसका फोन बंद आ रहा था। 28 सितम्बर को गाड़ी मालिक मुकेश नायक का फोन आया कि तुम्हारे बेटे की तबियत खराब हो गई है। जबकि मेरे पुत्र की मृत्यु हो चुकी थी। उसके बाद भी हमें बताया गया कि उसकी तबियत खराब है। तीन दिन बाद उसकी लाश को देवास लेकर आए तथा गाड़ी मालिक व ड्रायवर ने हमें पुलिस को सूचना भी नही करने दी तथा कोरोना का डर बताकर पंकज की लाश को घर पर भी नहीं लाने दिया तथा जॉनडियर फेक्ट्री के पास से ही उसे श्मशान ले जाया गया श्मशान में उसकी मौत का कारण हार्ट अटेक बताया गया अंतिम संस्कार करवा दिया और । जबकि हमने देखा कि उसके शरीर पर गहरी चोंट के निशान थे तथा उसकी गर्दन भी टूटी हुई थी। उसके पास उसका मोबाईल भी नहीं मिला इस बारे में ड्रायवर ने कहा कि उसका मोबाईल गुम हो गया है। मेरा पुत्र जब गाडी पर गया था तब उसके पास 5 हजार रूपये भी थे वे भी उसके पास नहीं मिले।
कमलाबाई ने आशंका व्यक्त की है कि गाड़ी मालिक के सहयोग से ड्रायवर ने उनके पुत्र की हत्या की है। इस बारे में पुलिस में शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। पुलिस भी बिना किसी जांच के इस केस को बंद करना चाहती है। पुलिस का कहना है कि उसकी मृत्यु फूड पाइजनिंग के कारण हुई लेकिन उसकी कोई पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं है क्योंकि गाड़ी मालिक ने उसका पोस्टमार्टम नहीं होने दिया। और उसके शरीर पर गंभीर चोंट के निशान कहां से आए। पंकज के आधार कार्ड, ड्रायविंग लायसेंस, पेनकार्ड, कपड़े आदि भी गाड़ी मालिक के पास ही है जो अभी तक उसके द्वारा पंकज के परिवार को नहीं दिए गए है। कमलाबाई ने पुलिस से मांग की है कि गाड़ी मालिक एवं ड्रायवर पर उचित कार्यवाही की जाए। मृतक पंकज घर में अकेला ही कमाने वाला था। घर में उसके माता पिता बीमार है तथा उसकी एक 7 साल की बेटी है अब इनको संभालने वाला कोई नहीं है।
