बुंदेलखंड की बेटियों काजल,आस्था और पूजा को तत्काल खेल छात्रवृत्ति दिए जानें को लेकर जिलाध्यक्ष चौबे ने लिखा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र

गढाकोटा(सागर)। कांग्रेस सेवादल ग्रामीण सागर के जिलाध्यक्ष डॉ राजेन्द्र चौबे ने दैनिक समाचार पत्र में छपी खबर का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को प8त्र लिखकर बुंदेलखंड की बालिकाओं काजल,आस्था और पूजा को तत्काल खेल छात्रवृत्ति देना शुरू किए जाने की मांग की तथा उक्त पत्र की प्रतिलिपियाँ डॉ चौबे ने बुंदेलखंड के बीजेपी के नेताओ जिनमें केबीनेट मन्त्रीगण क्रमशः पं गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह एवं गोविन्दसिंह के साथ साथ केंद्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार,प्रहलाद पटेल तथा सागर सांसद राजबहादुर सिंह को भी मेल व ट्वीट की है ।
अपने पत्र में डॉ चौबे ने लेख किया है कि बालिकाओं के मजदूर पिता विनोद रजक ने बताया है कि वह अपनी बालिकाओं के लिए उन्होंने एथलीट का कैरियर इसलिए चुना क्योंकि खेल में प्रतियोगिता है पर भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम है , उन्होंने आगे बताया कि उनकी तीनो पुत्रियाँ पढ़ाई में भी अव्वल है तथा वह प्रतिदिन ऊंची कूद,लम्बी कूद और लगभग 20-25 किलोमीटर कमर में टायर बांधकर दौड़ती है तथा मैं उनके साथ रहता हूँ उनकी इस नियमित मेहनत और अभ्यास का परिणाम है कि काजल(15वर्ष)ने 5000 मीटर,आस्था (17बर्ष)ने800 तथा 3000 मीटर में नेशनल तक तथा पूजा(19 वर्ष)5000 मीटर दौड़ में स्टेट तक खेल चुकी है। मजदूर पिता ने अफसोस व्यक्त करते हुए बताया कि पढ़ाई और खेल में बालिकाओं के इतने उम्दा प्रदर्शन के बाबजूद राज्य सरकार द्वारा उनकी कोई मदद नहीं की जा रही फिर भी गरीब पिता का बुलंद हौसला निसंदेह प्रसँसनीय है उनकी तमन्ना व सपना अपनी बालिकाओं से ओलम्पिक में देश को पदक दिलाने का है और उनका कहना है कि इसके लिए उनको कुछ भी बेचना पड़े वह अपनी पुत्रियों के भविष्य सवारने के लिए कुछ भी बेचने के लिए तैयार है।
अपने पत्र के अंत मे डॉ चौबे ने लिखा है कि बीना, सागर , बुंदेलखंड और केवल मध्यप्रदेश ही नहीं अपितु देश को स्वर्णिम उपलब्धि दिलाने की क्षमता रखने वाली इन बालिकाओं को उनका पिता पौष्टिक आहार के रूप में केवल गुड़, चना और दूध की ही प्रतिदिन पूर्ति करता है। अब सरकार को सोचना है क्या ओलम्पिक का लक्ष्य रखने वाले एथलीट को यह आहार पर्याप्त है मैं कहता हूँ नहीं और आप भी सोचेगें तो आपका उत्तर भी नही ही होना चाहिए इसलिए अर्थाभाव में बुंदेलखंड की यह प्रतिभाएं कुंठित न हो इसकी जबाबदारी आपके साथ साथ बुंदेलखंड के सत्तारूढ नेताओ की भी है इसलिए इस पत्र की प्रतिलिपि बुंदेलखंड के बीजेपी के कद्दावर नेताओ और मंत्रियो को भी भेजी है तथा पत्र के माध्यम से मेरा आग्रह है कि उक्त बालिकाओं को तत्काल खेल छात्रवृत्ति दिए जाने के प्रतिभाहित में आदेश करें।