बेटों ने घर से निकाला, अब वृद्धाश्रम में शरण की गुहार: जनसुनवाई में बुजुर्ग दंपति का दर्द छलका

• प्रशासन ने दिए वृद्धाश्रम में रखने के निर्देश, बुजुर्ग दंपत्ति करेंगे वृद्धाश्रम को ज़मीन दान

देवास। मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में एक बुजुर्ग दंपति ने अपनी व्यथा सुनाते हुए वृद्धाश्रम में रहने की अनुमति दिलाने की मांग की। दंपति का आरोप है कि उनके ही बेटों ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है और अब उनके पास रहने का कोई सहारा नहीं बचा है।

आवेदन के अनुसार 76 वर्षीय जीवन सिंह एवं उनकी 72 वर्षीय पत्नी लीला बाई ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि उनकी पारिवारिक स्थिति अत्यंत दयनीय हो गई है। उन्होंने कहा कि उनके दो पुत्र राजेंद्र और राकेश उनसे अलग रहते हैं तथा दोनों ने उन्हें घर से बाहर कर दिया है। दंपति का यह भी आरोप है कि उनकी लगभग चार बीघा जमीन भी उनसे ले ली गई है।

बुजुर्ग दंपति ने आवेदन में उल्लेख किया है कि संबंधित जमीन लीला बाई को उनके पिता द्वारा दान में दी गई थी, जिसे अब वे वृद्धाश्रम को दान करना चाहते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके पुत्र और पुत्रवधू द्वारा लीला बाई के साथ मारपीट करने का प्रयास भी किया गया। दंपति ने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें किसी वृद्धाश्रम में रहने की अनुमति और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे सम्मानपूर्वक अपना शेष जीवन व्यतीत कर सकें।जनसुनवाई में प्राप्त इस आवेदन को संबंधित विभाग को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने तत्काल वृद्धाश्रम में कार्रवाई व्यवस्था आवेदन प्राप्त होने के बाद प्रशासन ने तत्काल वृद्धाश्रम संचालक दिनेश चौधरी को बुलाकर बुजुर्ग दंपत्ति के लिए वृद्धाश्रम में रुकने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।