देवास। शहर के बैंक नोट प्रेस से नोट चुराने वाले आरोपी को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा भारी अर्थदण्ड लगाया है ।
दरअसल दिनांक 19 जनवरी 2018 को बैंक नोट प्रेस देवास के एन.बी.एफ. सेक्शन (जहॉ रिजेक्ट नोंटों की कटिंग की जाती है) के कारीडोर में तैनात सी.आई.एस.एफ. ड्यूटी पर तैनात जवान मनेन्द्र सिंह एवं लिलेस्वर प्रसाद के द्वारा देखा गया कि एन.बी.एफ. सेक्शन में कार्यरत मनोहर वर्मा उपनियंत्रक अधिकारी , बीएनपी देवास एक बॉक्स में कुछ वस्तु छुपा कर रख रहा था जो उन्हें देखने में संदिग्ध लगा जिसकी सूचना उन दोनों बल सदस्यों के द्वारा इकाई के सभी उच्च अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद उक्त कर्मचारी की तलाशी लेने पर उसके पैर के जुतों में 200-200 रूपये के 02 बंडल पाये गये जिसके पश्चात् उक्त कर्मचारी को अपने कब्जे में लेकर पूछताछ कर उसे साथ में लेकर टेबल दराज की तलाशी ली गई जिसमें भी पांच सौ रूपये एवं दो सौ रूपये के विभिन्न नोट लगभग राशि 26,09,300/- बरामद किये गये। उसके पश्चात् पुलिस द्वारा उसके घर से लगभग 64,50,000/- रूपये के पांच सौ एव दो सौ रूपये के नोट जप्त किये गये।
प्रकरण में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की गई विवेचना के दौरान फरियादी विकास चौधरी एवं अन्य साक्षीगण के कथन लेखबद्ध किये गये, बैंक नोट प्रेस की एन.बी.एफ. शाखा (घटना स्थल) में लगे सीसीटीवी फुटेज दिनांक 10 जनवरी 2018 से 19 जनवरी 2018 तक की हार्ड डिस्क एवं 65 बी साक्ष्य अधिनियम के प्रमाण पत्र सहित, आरोपी मनोहर वर्मा का सेवा अभिलेख तथा जप्त नोटों से संबंधित विकत नोटों के रजिस्टर, सूचियां जप्त की गई। विवेचना में उपलब्ध साक्ष्य से पाया गया कि कि आरोपी मनोहर वर्मा द्वारा लोकसेवक के रूप में कार्य के दौरान उसको सौंपे गये विकृत नोटों को नष्ट न करवाते हुये, छुपाकर कर घर ले जाकर रखे व खर्च किये जो आरोपी के विरूद्ध धारा 409,489(ख)(ग) भादवि का अपराध पूर्णत: सिद्ध पाये जाने से मामले में अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। उक्त प्रकरण गंभीर जघन्य सनसनीखेज की श्रेणी में चिन्हित किया गया था।
उक्त प्रकरण में माननीय तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश जिला देवास द्वारा दिनांक 16 मार्च 2022 को निर्णय पारित कर आरोपी मनोहर वर्मा, उम्र 55 वर्ष निवासी 34 साकेत नगर, देवास को धारा 409, 489 भादवि में आजीवन कारावास एवं 25-25 हजार रूपये अर्थदण्ड एवं धारा 489 भादवि में 07 वर्ष का सश्रम कारावास व 25,000/- के अर्थदण्ड से दंडित किया गया।
उक्त प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन का संचालन तत्कालीन उप संचालक अभियोजन श्री अजयसिंह भंवर द्वारा किया गया एवं वर्तमान में उक्त प्रकरण का सफल संचालन अविनाश सिरपुरकर एवं कौस्तुभ पाठक, अधिवक्ता (विशेष लोक अभियोजक) द्वारा किया गया एवं कोर्ट मोहर्रिर आरक्षक 105 विनोद लहरी का विशेष सहयोग रहा। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी, जिला देवास ऊदल सिंह मौर्य द्वारा दी गई।














