पुलिस ने उल्टे पत्रकार पर एट्रोसिटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया
देवास। पिछले दिनों कैला देवी चौराहे पर स्थित शराब के अहाते में एक भाजपा नेता के झगड़े का वीडियो वायरल हुआ था। आरोप है की वीडियो वायरल होने के बाद उसी रात भाजपा नेता विजेंद्र राणा कैला देवी चौराहे पर राजा टावर के समीप स्थित एक मीडिया के कार्यालय में घुस गए और वहां पर वाद विवाद कर तोड़फोड़ की। इस दौरान कार्यालय में आईबीसी 24 चैनल के संवाददाता मोहनीश वर्मा भी मौजूद थे। उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।
पत्रकार मोहनीश ने शुक्रवार को औद्योगिक क्षेत्र थाने में मारपीट का प्रकरण भाजपा नेता के खिलाफ दर्ज करवाया, उसके डेढ़ घंटे बाद पुलिस ने पत्रकार के खिलाफ ही मारपीट और एट्रोसिटी एक्ट के तहत उल्टा मुकदमा दर्ज कर दिया। बताया जा रहा है कि मामले में एक विधायक और भाजपा नेताओं के कहने पर पुलिस ने यह प्रकरण पत्रकार पर दर्ज किया है। अब सवाल यह उठ रहे हैं कि जब स्वयं भाजपा नेता ही मीडिया कार्यालय में घुसे थे तो पत्रकार ने क्या अपराध कर दिया? पुलिस ने मामले की छानबीन किए बिना पत्रकार पर एट्रोसिटी एक्ट लगा दिया।
पत्रकारों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंप कर निष्पक्ष जाँच कर प्रकरणों को खात्मा करने की मांग की
पत्रकार मोहनीश वर्मा पर पत्रकार कार्यालय में तोड़फोड़ करने के बाद उलटे दर्ज कराए उलटे झूठे प्रकरण व देवास जिले के कांटाफोड़ में भी पत्रकार जितेंद्र आस्के पर दर्ज झूठे प्रकरण के विरोध में प्रेस क्लब देवास, युवा प्रेस क्लब देवास, यूनाइटेड प्रेस क्लब देवास व श्रमजीवी पत्र संघ आदि द्वारा घटना की निंदा करते हुए पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौपा गया और निष्पक्ष जाँच कर प्रकरणों को खात्मा करने की मांग की।
