देवास। वर्ष 1990 में हुए कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार/ पलायन/ दर्द को बयां करती ‘द कश्मीर फाइल्स’ एक ऐसी फिल्म जिसने मानो देशभर में एक क्रांति ला दी हो। देशभर में हर एक व्यक्ति इस फ़िल्म को देखने के लिए आतुर है। लोगो द्वारा बड़ी संख्या में इस फ़िल्म को देखा जा रहा है। सिनेमाओं में फ़िल्म देखने के लिए लोगो को टिकिट तक नही मिल पा रही है।
भारत भर में 7 से 8 राज्यो में इस फ़िल्म को टैक्स फ्री घोषित कर दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी से लेकर अनैको राजनेता सहित और भी जानी मानी बड़ी हस्ती इस फ़िल्म की तारीफ कर चुके है। जो भी इस फ़िल्म को देख रहे है वह इस फ़िल्म की तारीफ कर रहा है। इसी कड़ी में 90 के दशक में कश्मीरी हिंदुओं के दर्द/ नरसंहार/ पलायन को बयां करती इस फ़िल्म को देखने के लिए भारत तिब्बत समन्वय संघ के मालवा प्रान्त के देवास के सैकड़ो कार्यकर्ता ‘द कश्मीर फाइल्स’ देखने पहुँचे थे।
संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा सर्वप्रथम उज्जैन रोड पर स्थित गोरखनाथ मंदिर पर एकत्रित होकर वहा पर दर्शन कर वहाँ से भारत माता की जय सहित राष्ट्रवादी नारे लगाते हुए सिनेमा पहुँचे जहाँ कार्यकर्ताओ ने इस फ़िल्म को देखा।
संघ के जिला महामंत्री जयदेव वर्मा ने बताया मंगलवार को भारत तिब्बत समन्वय संघ के करीब 150 कार्यकर्ता कश्मीर में 1990 में हुए कश्मीरी हिंदुओं/पंडितो के नरसंहार/पलायन को बयां करती ‘द कश्मीर फाइल्स’ फ़िल्म देखने पहुँचे थे, और पूरे भारत में हर एक व्यक्ति सहित युवाओ भी को यह फ़िल्म अवश्य देखना चाहिए। जिससे भारत के कश्मीर में हुए इस कृत्य को युवाओ के सामने आ सके। वर्मा ने इस फ़िल्म के निर्देशक ओर निर्माताओ को संघ सहित पूरे देश की और से इस फ़िल्म में खुलकर सच्चाई दिखाने के लिए धन्यवाद प्रेषित किया।
