उज्जैन के रामघाट से दबोचे गए आरोपी, देवास की चोरी के मामले में ₹1.15 लाख का मशरूका बरामद
देवास। सार्वजनिक रैलियों, धार्मिक आयोजनों और जुलूसों में भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल फोन व नकदी चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह का देवास पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उज्जैन के रामघाट से गिरोह के पांच आरोपियों और एक विधि-विरुद्ध बालक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई ₹15 हजार की नकदी तथा पांच एंड्रॉयड व आईफोन मोबाइल सहित करीब ₹1.15 लाख का मशरूका बरामद किया गया है।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री गजेन्द्र सिंह वर्धमान एवं नगर पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी उपनिरीक्षक नरेन्द्र अम्करे के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई थी। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद टीम सार्वजनिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर निगरानी कर रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर 4 अगस्त को रामघाट, उज्जैन से आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी कोटा (राजस्थान) के निवासी हैं। इनमें कालीचरण, शिवा, अर्जुन, राजेन्द्र उर्फ राजेन्दर और देवेन्द्र शामिल हैं। इनके साथ एक विधि-विरुद्ध बालक को भी अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार गिरोह संगठित तरीके से देवास सहित आसपास के जिलों में आयोजित रैलियों, धार्मिक आयोजनों और अन्य भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों में सक्रिय रहता था। आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर लोगों के मोबाइल फोन और नकदी चोरी करते थे तथा वारदात के तुरंत बाद दूसरे शहरों के लिए रवाना हो जाते थे।
आरोपियों के खिलाफ थाना औद्योगिक क्षेत्र में दर्ज प्रकरण क्रमांक 605/2026 के तहत कार्रवाई की गई है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जा रहा है। पूछताछ में अन्य जिलों एवं राज्यों में हुई चोरी की वारदातों के संबंध में भी महत्वपूर्ण खुलासे होने और अतिरिक्त चोरी का माल बरामद होने की संभावना जताई जा रही है।
देवास पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सार्वजनिक आयोजनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अपने मोबाइल, पर्स एवं अन्य कीमती सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या डायल-112 पर दें।
इस कार्रवाई में थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी उपनिरीक्षक नरेन्द्र अम्करे, प्रधान आरक्षक शैलेन्द्र राणा, किशोर जाटवा, आरक्षक अजय जाट, नरेन्द्र सिरसाम, सैनिक तेजसिंह मंडलोई तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक सचिन चौहान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
