माता टेकरी पर चामुंडा माता की नियमित आरती एवं दर्शन मंदिर में से कराए जाए

• भारत तिब्बत समन्वय संघ ने उठाई मांग, नए प्रयोगों का विरोध

देवास। देशभर में प्रसिद्ध माता चामुंडा टेकरी पर मंदिर के अंदर होने वाली परम्परागत नियमित आरती एवं भक्तों को मंदिर के अंदर से करने पर प्रतिबंध को लेकर हिंदू समाज में आक्रोश व्याप्त है। भारत तिब्बत समन्वय संघ, जिला देवास (मालवा प्रांत) द्वारा माता चामुण्डा मंदिर में आरती एवं दर्शन पर लगाई गई रोक के विरोध में आवाज़ उठाई गई है। पूर्व में भी संघ द्वारा कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा गया था।

प्राचीनकाल से चामुंडा माता मंदिर के अंदर में नियमित एवं परम्परागत रूप से आरती होती आ रही थी, लेकिन विगत दिनों से अपने आप को अध्यक्ष बनाते वाले अशोक नाथ द्वारा भक्त मंडल को बाहर से आरती करने के लिए कहा जा रहा है तथा मंदिर में आरती के दौरान भक्तों का प्रवेश भी बंद कर दिया गया है। इस निर्णय से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। पूर्व में दिए गए ज्ञापन में संघ ने यह भी आरोप लगाया कि कोरोना काल के दौरान अस्थाई रूप से मंदिर में दर्शन बंद किए गए थे, लेकिन वर्षों बाद भी आम श्रद्धालुओं को मंदिर में दर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, बाहर से आने वाले दर्शनार्थियों से राशि लेकर विशेष पूजा व दर्शन कराए जाने तथा नारियल चढ़ाने की पुरानी व्यवस्था समाप्त किए जाने पर भी आपत्ति जताई गई।

वर्तमान में माँ चामुंडा माता मंदिर में लंबी ऊंचाई वाली रेलिंग लगाई गई है जानकारी अनुसार देवस्थान प्रबंधन समिति द्वारा माँ चामुंडा मंदिर में यह रेलिंग वहां के अशोक नाथ द्वारा अन्य पुजारियों के साथ हुए विवाद के बाद लगाई है। रेलिंग माता के स्वरूप को भी दबा रही है और आरती के समय पुजारी को अंदर प्रवेश करने और माता रानी को चोला चढ़ाने के लिए भी जगह की कम होने से भी भी समस्या आ रही है।
जानकारी अनुसार माता टेकरी अशोक नाथ अपने आप को अध्यक्ष बता कर अपने अनुसार कार्य करा रहे है जिससे आगे भी विवाद होने की आशंका है। जानकारी अनुसार अशोक नाथ द्वारा प्रतिदिन माता टेकरी पर आने वाले श्रद्धालुओं से भी दुर्व्यवहार किया जाता है। क्या देवस्थान प्रबंधन समिति द्वारा अशोक नाथ को सभी जिम्मेदारी दे रखी है इसकी चर्चा भी चल रही है। और लगता है प्रशासन के संरक्षण प्राप्त होने से अशोक नाथ निडर रूप से सभी कार्य कर रह है। और पूर्व में भी अशोक नाथ के बड़े बड़े विवाद हो चुके है।
अगर प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देगा तो कभी भी दर्शनार्थी और पुजारी के बीच बड़ा विवाद हो सकता है।
बीते दिनों हुए अशोक नाथ ओर अन्य पुजारियों के विवाद में पुलिस भी मौके पर पहुंची जिसके बाद प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
संघ ऐसे प्रयोगों का भी विरोध करते हुए मांग करता है कि भक्त मंडल द्वारा की जाने वाली परम्परागत आरती पुनः मंदिर से करने की अनुमति दी जाए और सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से मंदिर में दर्शन का अधिकार मिले। मंदिर की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाई जाए। संघ द्वारा बार बार मांग की जा रही है, यदि प्रशासन ने शीघ्र ही इस मामले में संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई नहीं की, तो भारत तिब्बत समन्वय संघ समस्त हिंदू समाज एवं धार्मिक संगठनों के साथ आंदोलन करने को विवश होगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की रहेगी।