रंगपंचमी की रंजिश बनी मौत की वजह: 4 आरोपियों को उम्रकैद, मीडिया की गवाही बनी सजा का मजबूत आधार

देवास पुलिस और अभियोजन के सुदृढ़ समन्वय से सनसनीखेज हत्याकांड में मिली बड़ी सफलता

देवास। चार वर्ष पुरानी रंजिश और रंगपंचमी के विवाद ने एक युवक की निर्मम हत्या का रूप ले लिया था। लेकिन देवास पुलिस की पेशेवर और वैज्ञानिक विवेचना, अभियोजन की प्रभावी पैरवी तथा मीडिया कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका के चलते आखिरकार इस सनसनीखेज हत्याकांड में न्यायालय ने चार आरोपियों को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश श्री उमाशंकर अग्रवाल की अदालत ने आरोपी मिथुन अहीरवाल, रवि चौहान, राजकुमार सिसोदिया और अजय उर्फ आकाश सिसोदिया को हत्या के अपराध में दोषी पाते हुए उम्रकैद और 26 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

रंगपंचमी के विवाद से शुरू हुई थी दुश्मनी जानकारी के अनुसार 22 जुलाई 2022 को थाना औद्योगिक क्षेत्र में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि आरोपीगणों ने पुरानी रंजिश के चलते गणेश उर्फ गन्नू भावसार पर चाकू, तलवार और डंडों से जानलेवा हमला किया था। गंभीर रूप से घायल गन्नू की बाद में मौत हो गई थी। पुलिस ने प्रकरण में धारा 147, 148, 149, 302 भादवि एवं 25 आयुध अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।

गवाह मुकर गए, फिर भी नहीं टूटी पुलिस की कड़ी मामले की सुनवाई के दौरान चश्मदीद सहित कई मुख्य गवाह अपने बयानों से मुकर गए, जिससे मामला कमजोर पड़ता दिखाई दिया। लेकिन जैसे ही इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद को मिली, उन्होंने पुलिस और अभियोजन अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक कर नई रणनीति तैयार की।

पुलिस ने दोबारा वैज्ञानिक साक्ष्यों को मजबूत किया। घटना के समय जब्त वस्तुओं का डीएनए परीक्षण कराया गया। वहीं, सबसे अहम कड़ी तब सामने आई जब पुलिस ने घटना के दौरान एक चश्मदीद द्वारा मीडिया को दिए गए इंटरव्यू का वीडियो खोज निकाला।

मीडिया कर्मियों की गवाही बनी निर्णायक साक्ष्य घटना को कवर करने वाले जागरूक मीडिया कर्मियों के बयान अदालत में पेश किए गए। मीडिया द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो को न्यायालय में प्रमाणित किया गया, जिसे चश्मदीद गवाह भी झूठा साबित नहीं कर सका। यही वीडियो और मीडिया कर्मियों के कथन इस मामले में सजा का मजबूत आधार बने।

ऑपरेशन “संकल्प” का असर पुलिस अधीक्षक श्री पुनीत गेहलोद ने बताया कि जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन संकल्प” के तहत गंभीर अपराधों की विवेचना को वैज्ञानिक और समयबद्ध बनाया जा रहा है। न्यायालयीन प्रक्रिया में समंस और वारंट की त्वरित तामिली कराकर पीड़ितों को जल्द न्याय दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में देवास पुलिस हत्या, हत्या के प्रयास, बलात्कार, छेड़छाड़, लूट, धोखाधड़ी और चोरी सहित कई गंभीर मामलों में कठोर सजा दिलाने में सफल रही है।

इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका इस प्रकरण में सहायक लोक अभियोजक श्रीमती अलका राणा, श्री उदल सिंह मौर्य, थाना प्रभारी शशिकांत चोरसिया, उप निरीक्षक रामकृष्ण शर्मा, विजय सोनी, राधेश्याम वर्मा, गोविंद्र बडोलिया सहित आरक्षक अतुल सिंह, संदीप प्रजापत और रमेश बर्डे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

अंत में पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम को सम्मानित करते हुए भविष्य में भी और अधिक दक्षता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।