विधिक साक्षरता शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण देवास के तत्वधान मे नारी सशक्तिकरण को लेकर हुआ आयोजन

महिलाओं को कानूनी साक्षरता का ज्ञान होना उनके परिवार के विकास के लिए जरूरी: श्रीमती हर्षिता सोनी

कन्नौद (चंचल भारतीय)। आज के समय में महिलाओं को कानूनी साक्षरता का ज्ञान होना उनके व उनके परिवार के विकास के लिए आवश्यक है। विधिक जागरूकता से ही महिला का सशक्तिकरण संभव है। इसी उद्देश्य से विधिक साक्षरता शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय देवास के समन्वय से इंदौर देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं के द्वारा विधि विभाग प्रमुख डॉ अर्चना राका के मार्ग दर्शन में महिलाओं के लिये यह विशेष जागरूकता शिविर का आयोजन हुआ है।

आयोजन में विद्वान न्यायाधीश श्रीमती निहारिका सिंह देवास, श्रीमती हर्षिता सोनी, डॉ अर्चना राका, रामभरोश परमार सर के द्वारा मां सरस्वती के प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इंदौर से विधि साक्षरता शिविर में शिरकत करने आए विधि चतुर्थ वर्ष के छात्र छात्राओं ने नारी उत्पीड़न एवं उनके कानूनी अधिकारों पर नाट्य मंच के माध्यम से प्रकाश डाला। विधि के छात्र छात्राओं के द्वारा बाल विवाह से जुड़ी कुरुतिया, महिला सशक्तिकरण घरेलू हिंसा उत्पीड़न, महिलाओं को कैसे मिले न्याय महिलाओं के अधिकार पर अपने अपने विचार व्यक्त किए। श्रीमती हर्षिता सोनी न्यायाधीश महोदय ने महिला को कानूनी साक्षरता का ज्ञान होना चाहिए उनके परिवार के विकास के लिए बहुत जरूरी है। घरेलू हिंसा, बाल विवाह जैसे अपराधों पर कानूनन सुरक्षा सहायता के बारे में बताया। श्रीमती निहारिका सिंह अपर सत्र न्यायाधीश महोदया ने अपने उद्बोधन में सोशल मीडिया से महिला अपराध के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अपने फोटो फेसबुक व्हाट्सएप टि्वटर पर शेयर नहीं करें। विधिक साक्षरता शिविर लगाने के उद्देश्य के बारे में भी बताया। माननीय न्यायाधीश महोदय सन 1976 में कन्नौद शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा रही है। स्कूल के प्राचार्य रामभरोस परमार ने आभार प्रकट किया।

इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में स्कूल की छात्राएं एवम् शिक्षा विभाग के संतोष बिछोले,भारत बोहरे,हुकुम राजावत, सतीश पलासिया, रीना मिश्रा, ज्योति लड्ढा, न्याय विभाग के राजेश तिवारी, रामनारायण भूसारे, विधि संकाय के छात्र उन्नत झंझरी, संस्कार गर्ग, मेघा जोशी, सलोनी ओझा,मंच संचालन भूमि शर्मा ने किया।