देवास। संयुक्त अतिथि शिक्षक संघ ने प्रदेश के आव्हान पर अतिथि शिक्षकों को विभागीय परीक्षा लेकर नियमित करने एवं 12 माह को वेतन देने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संघ जिलाध्यक्ष समुंत दुबे ने बताया कि मप्र की शासकीय शिक्षण संस्थाओं में मप्र शासन के मंशानुसार अतिथि शिक्षकों को शिक्षण सत्र प्रारंभ होते ही प्रत्येक सत्र में नियुक्ति दे दी जती है और शिक्षण सत्र समाप्ती पर नियुक्ति निरस्त कर दी जाती है। ऐसी समस्या को देखते हुए और अपने भविष्य को सुनिश्चित करने हेतु मप्र के अतिथि शिक्षकों ने मप्र शासन के समक्ष कई बार आवेदन व निवेदन करते हुए धरना, रैली के माध्यम से अपनी मांगो को लेकर शासन को अवगत कराया। इतना ही नही हमारे द्वारा भुख हड़ताल, आमरण अनशन, चक्काजाम, पैदल मार्च आदि प्रकार से विरोध कर अपनी नियमितिकरण की मांग मंगवाने के लिए सैकड़ो बार प्रयास किया। किन्तु आज दिनांक तक म.प्र. शासन द्वारा अतिथि शिक्षकों के हित में कोई निर्णय नहीं लिया गया। जिससे कि अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित हो सके। संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि अतिथि शिक्षक अपने भविष्य को सुनिश्चित करने हेतु करबद्ध प्रार्थना करते है कि हमारे भविष्य को देखते हुए गुरूजीयों की मांती विभागीय पात्रता परीक्षा को लेकर हमे नियमितिकरण प्रदान किया जाये। इस अवसर पर नितेश जागीरदार, संतोष चौहान, राजकुमार गौड़, बब्लू मनावत, ओमप्रकाश झरोखा, भानुप्रताप तंवर, गुलनार खान, पुष्पा माली, भारती माली, कपिल मोदी आदि उपस्थित थे।















