शासन जब तक हमारी बात नही मानेगा, तब तक नहीं बाटेंगे राशन-पानी

सहकारी समिति के कर्मचारियों को मिला कई संगठनों का समर्थन

देवास। शासन जब तक हमारी बात नही मानेगा, तब तक नहीं बाटेंगे राशन-पानी, हम अपना अधिकार मांगते नहीं किसी से भीख मांगते जैसे नारों के साथ गुरूवार को सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल प्रमुख मांगो को लेकर लगातार सातवें दिन जारी रही। प्रदेशभर के सहकारी समितियों पर ताले लगा कर सभी कर्मचारी शाखा स्तर पर कलमबंद हड़ताल पर बैठे। महासंघ प्रदेश उपाध्यक्ष लोकेन्द्र सिंह सेंधव ने बताया कि 1 अप्रैल को भोपाल में होने वाला जंगी प्रदर्शन व सामुहिक इस्तीफे का कार्यक्रम की अनुमति नही मिलने से स्थगित किया गया है। कर्मचारियों का आंदोलन जिला मुख्यालयों पर सतत रूप से जारी रहेगा। मण्डुक पुष्कर पर चल रहे सहकारी कर्मचारियों के आंदोलन को कई संगठनों का समर्थन मिला। धरना स्थल पर गुरूवार को अजाक्स संगठन जिलाध्यक्ष कैलाश मालवीय, लिपिक संयुक्त मोर्चा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र सिंह राजपूत, वन कर्मचारी संगठन जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रसाद तिवारी तथा पेंशनर्स एसोसिएशन के मोर्चा संरक्षक गंगा सिंह सोलंकी पहुंचे और कर्मचारियों को विश्वस्त किया कि हमारा पूरा समर्थन व सहयोग आप लोगों तन-मन-धन से मिलेगा, आपकी लड़ाई शासन की न्यायोचित मांगों को लेकर है, जिसकों शासन को जल्द से जल्द पूर्ण करना चाहिए। गंगासिंह सोलंकी ने संबोंधित करते हुए कहा कि आपकी लड़ाई को चाहे कितना भी समय लग जाए, उसके लिए हम निरंतर आपके साथ है। जब तक कर्मचारियों की मांगे पूर्ण नही हो जाती हम सभी संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ता साथ खड़े रहेंगे। जिलाध्यक्ष हरेन्द्र ङ्क्षसह ठाकुर ने बताया कि हमारी मुख्य मांग शासकीय कर्मचारी अनुसार समान वेतन एवं जो सुविधाएं शासकीय कर्मचारी को मिलती है, वह हमें भी मिले यह माग कई वर्षों से चली आ रही है। शासन द्वारा हमारे आंदोलन को तोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। परंतु हम हमारे आंदोलन को निरंतर जिला स्तर पर जारी रखेंगे। जब तक विभागीय अधिकारियों द्वारा जिला स्तर पर या प्रदेश स्तर पर हमारी मांगों का निराकरण नही हो जाता। जिला उपाध्यक्ष मोहन जाट के नेतृत्व में तहसील स्तर खातेगांव, कन्नौद, सतवास  में भी सहकारी समिति कर्मचारियों का आंदोलन सतत रूप से जारी है।