श्री सिद्धनाथ धूनी स्थल पर सुनाई जा रही है भगवान राम कथा

भव्य कलश यात्रा के साथ भगवान राम कथा समापन संपन्न हुआ

देवास (नरेंद्र चौहान)। नेवरी बरोटा फाटा स्थित श्री सिलनाथ धुनी स्थल परिसर में सुनाई जा रही भागवत कथा मै पंडित मोहित राम जी पाठक सीहोर वाले के मुखारविंद से सुनाई गयी।

सुनाते हुए कहा भक्तों के उद्धार करना श्री राम का प्रण है। जब संतों का संग हो जाए तो समझ लेना चाहिए कि अब राम की कृपा होने वाली है। जिस आश्रम में वासना का प्रवेश हो जाता है।वह आश्रम ही नहीं वहां पर सब कुछ नष्ट हो जाता है। माता अहिल्या की कथा सुनाते हुए कहा प्रभु जड़ को जीव कर देते हैं। अहिल्या का उद्धार भगवान श्री राम के चरणों से हो जाता है। भगवान की कोई जाति नहीं होती। वह तो जगत कल्याण की कामना से आते हैं। सीता के स्वयंवर में धनुष के टूटते ही सभी लोग भगवान की जयकार करने लगते हैं। जब श्री राम धनुष को तोड़ते हैं तो उसकी एक गर्जना होती है जिसे सुनकर परशुराम सभा मे आ जाते हैं। वह बहुत क्रोधित होते हैं। लक्ष्मण व परशुराम संवाद सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। इसी के साथ राम कथा का समापन भव्य आरती एवं महा प्रसादी के साथ कलश यात्रा निकाली गई जिसमें भक्तगण कलश यात्रा में नाचते गाते बैंड बाजों की धुन पर थीरके एवं भगवान राम की कथा सुनकर भक्त मोहित हो गए।