स्वर्गीय श्याम होलानी जी की प्रथम पुण्यतिथि पर सर्वदलीय सभा हुआ आयोजन

जरूरतमंदो को किये गए कंबल वितरण व सुंदरकांड का हुआ पाठ

कांटाफोड़(बालकृष्ण शर्मा) – पूर्व विधायक एवम् पूर्व जिला अध्यक्ष पूर्व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष गरीबों के मसीहा स्वर्गीय श्याम जी होलानी की प्रथम पुण्य तिथि पर सोमवार सुबह 10:30 बजे महात्मा गांधी चौराह पर सर्वदलीय श्रृद्धांजलि सभा का आयोजन नागरीको के द्वारा किया गया साथ ही ब्लाक कांग्रेस द्वारा जरूरत मंदों को कम्बल वितरीत किए गए व सुंदरकांड पाठ का आयोजन भी किया गया

सभा में वक्ताओं ने कहा कि श्याम होलानी एक ऐसी शख्सियत रहें है, जिन्होंने राजनीति ही नहीं, जीवन के हरेक क्षेत्र में अपनी छाप छोड़ी अपने जुझारू और कर्मठ व्यक्तित्व के कारण उन्होंने लोकप्रियता और जनता के विश्वास के उच्चतम शिखर को छुआ। उनके निधन के एक वर्ष बीत जाने पर क्षेत्रवासी स्तब्ध है और किसी को विश्वास नहीं हो रहा है कि सहज-सरल व्यक्तित्व के धनी होलानी आज हमारे बीच में नहीं है।उन्होंने राजनीति में हमेशा ही सिद्धांतों और मूल्यों पर जोर दिया। यही कारण है।कि विपक्षी दल के नेता भी उनका सम्मान करते थे।

उनके व्यवहार की सादगी और सरलता हर किसी को आकर्षित करती रही। बागली-खातेगांव विधानसभा से लेकर संपूर्ण जिले एवम् प्रदेश में हरदिल अजीज
नेता के रूप में उन्होंने राज किया। अपने क्षेत्र के विकास के लिए अनेक प्रयासकिए। वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के अध्यक्ष एवं विधायक रहते हुए विकास का स्वर्णिम अध्याय लिख डाला। सन मे 1993 से 1998 तक चेयरमैन वेयर हाउसिंग कारपोरेशन तथा सन 1998 से 2003 तक बागली क्षेत्र के विधायक रहे देवास जिले के जिला अध्यक्ष के बाद प्रदेश उपाध्यक्ष रहते हुवे कोरोना महामारी में हर गरीबों को राशन के साथ ही जरूरी सामान का वितरण किया सभी कार्यालयों मास्क सेनेटायजर मशीन से लेकर हर जरूरी सामान भेंट किया और जनता के लिए उल्लेखनीय कार्य किए कार्य किए, जिसे क्षेत्र की जनता कभी भूला नहीं सकेगी। कांग्रेस पार्टी के एक सच्चे सेवक के रूप में उन्हें याद किया जाता रहेगा। श्याम होलानी ने विपरीत परिस्थितियों में भी सामूहिक हितों को ध्यान में रखकर अपने कर्तव्यों के प्रति जो सजगता दिखाई, उसी ने उन्हें लोकप्रियता के नए मुकाम पर पहुंचाया। यही कारण रहा कि उनके चाहने वालों की कभी कमी नहीं आई। कांग्रेस की मूल विचारधारा को दिल
से जीने वाले होलानी ने सन 1970 में राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा, तो उनका एकमात्र संकल्प था कि अपने शेष जीवन में गरीबों, शोषितों एवं
वंचितों की सेवा करेंगे। बीई (सिविल) की उच्च शिक्षा प्राप्त श्याम होलानी ने भले ही धनाढ्य परिवार में जन्म लिया था, लेकिन वे हमेशा गरीबों के हमदर्द रहे। उनकी चौखट पर मदद की गुहार में आया व्यक्ति खाली हाथ नहीं लौटता था। काग्रेस पार्टी और क्षेत्र ने एक जननेता खो दिया है। जिन्होने नगर का नाम संपूर्ण भारत वर्ष में जग जाहिर कर दिया था अब वे हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके विचार, हमें हमेशा प्रेरणा देते हमारे रहेंगे।