सुन्द्रेल/बिजवाड (दीपक शर्मा)हमारे कर्म-वचन व व्यवहार से किसी का अपमान न हो, किसी को ग्लानि न हो इससे सच्ची मानव पूजा इस जिंदगी में नहीं हो सकती उक्त वचन प. कमलेश जी शास्त्री ने श्री राम कथा के दूसरे दिवस विजेश्वर धाम बिजवाड़ में कही आपके द्वारा बताया माँ मैना के घर सती जन्म की कथा सुनाते हुए कहा गया कि इंसान का एक भाग्य उदय होता हैं जब पुत्र रत्न की प्राप्ति होती हैं, लेकिन हमारे सौ भाग्य उदय अर्थात सौभाग्य होते हैं जब कहीं बेटी का जन्म होता हैं जिनके माध्यम से हमारे अनगिनत पाप नष्ट हो जाते हैं और हमारा मानव जीवन सिद्ध होता हैं आगे कहा कि यदि सांसारिक बातों को, व्यहार को याद रखना ही हैं तो दिमाग में रखना और प्रभु श्रीराम के गुणों का स्मरण हमेशा दिल में होना चाहिए ताकि जीवनपर्यंत हम मर्यादा पुरूषोत्तम का अनुसरण करते हुए यह संसार सागर आशानी से पार कर सकें प्रमोद जी व्यास व विक्रमसिंह गौड़ ने सपत्नीक व्यासपीठ का पूजन कर आशीर्वाद लिया आयोजन कर्ता समस्त महिला मंडल ने सभी धर्म प्रेमी जनता से कथा में पधार कर धर्म का लाभ लेने का विशेष आग्रह किया














