ऐसी घटना कही भी होगी उसका तीखा प्रतिकार होना चाहिए ,
राजस्थान या अन्य जगह का उदाहरण देकर ऐसी विभत्स घटनाओं को बचाने का प्रयास करने वाले भी उसी कुत्सित मानसिकता का शिकार है , जो ऐसी घटनाओं को बढ़ावा देती है , बलात्कार या ऐसे अपराध दुनिया मे कही खत्म नही हो सकते , देश मे भी हर राज्य ,शहर -गांव में होते रहे है और आगे भी होते रहेंगे , असल मुद्दा इन अपराधों से निपटने के तरीकों और दोषियों को सजा दिलवाने का है , बजाय राज्य , वहा काबिज दल की सरकार या हिन्दू, मुस्लिम या दलित चश्मे से देखने के . राहुल-प्रियंका या अन्य विपक्ष बलरामपुर भी नही गया और न खरगोन या नरसिंगपुर पहुँचा , क्योकि हर बलात्कार की घटना पर निर्भया या हाथरस जैसा बवाल नही मच सकता . हाथरस में भी इतना बवाल नही मचता अगर आधी रात के अंतिम संस्कार और विपक्ष और मीडिया को रोकने की गलती नही की जाती , जिसका विरोध उमा भारती सहित कई बीजेपी नेताओं ने भी किया..
उत्तरप्रदेश की करीब दर्जन भर महिला_सांसदों की लिस्ट, इनमे से एक का भी अपना विरोध दर्ज या किसी भी तरह की कार्यवाही के लिए सामने न आना.. सरकार में टिके रहने की लोलुपता उजागर करती नज़र आ रही है..
चंचल भारतीय✒️














