टोंकखुर्द (विकेश जैन)। पर्यूषण पर्व के पांचवे दिन शासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए जैन श्वेतांबर संघ द्वारा जगत के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया भगवान महावीर की माता त्रिशला ने भगवान के जन्म के पूर्व जो चोदह महा स्वपन देखे थे। उनको झुलाने तथा माल्यार्पण का कार्यक्रम हुआ समाज के लोगों ने उत्साह पूर्वक चढ़ावा बोलकर बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

भगवान महावीर के पलना झुलाने का विशेष आयोजन हुआ भगवान महावीर का जन्म वाचन हर्षित चतुरमुथा द्वारा किया गया जैन धर्मावलंबियों को केसरिया छापे लगाए गए। समाज जन ने श्रीफल बदार कर भगवान महावीर के जन्म की खुशी व्यक्त की श्री चिंतामणि पार्श्वनाथ जैन मंदिर चिंतामणि मार्ग पर मंगलवार को प्रातः स्नात्र पूजन का कार्यक्रम हुआ। जन्म वाचन समारोह दोपहर दो बजे जैन धर्मशाला पर प्रारंभ हुआ हर्षित भाई ने जन्म वाचन के दौरान जैसे ही प्रभु महावीर के जन्म की घोषणा की उपस्थिति समाज जन आत्म विभोर होकर झूमने नाचने लगा।
संपूर्ण वातावरण भगवान महावीर की जय जय कार से गुंजायमान हो गया तत्पश्चात पालना जी की बोली भंवरलाल जी सोलंकी ने ली। लक्ष्मी जी की बोली मांगीलाल चतुरमुथा ने ली। भगवान को पालना में विराजमान करने उनको सोने की कंठी पहनाने एवं झूला झुलाने की बोली मनोज कुमार शांतिलाल काकरिया परिवार एवं भगवान के मुनीम बनने की पारसमल नितेश कुमार एवं श्रेष्ठी वर्य बोली राजेंद्र कुमार सांकला द्वारा ली गई तत्पश्चात रात्रि 8:30 बजे समाज जन द्वारा चिंतामणि मंदिर परिसर पर महा आरती का आयोजन किया गया जिसमें प्रत्येक समाज जन ने हाथ में दीप प्रज्वलित कर महा आरती का लाभ लिया कार्यक्रम का संचालन राजेश सोनी एवं पारसमल सालेचा द्वारा किया एवं आभार जैन श्री संघ अध्यक्ष अखिलेश जैन ने माना।














