देवास। म.प्र . प्रातीय अशासकीय शिक्षण संस्था संघ प्रांताध्यक्ष कैलाश आचार्य के द्वारा आयोजित प्रांतीय समिति एवं जिलाध्यक्षो की संयुक्त बैठक में अशासकीय विद्यालय नही खोलने की सरकार की नीति की घोर निन्दा करते हुए म.प्र. शासन शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री के निर्णयो को पक्षपात पूर्ण, किसी षडय़ंत्र के तहत होने तथा अशासकीय विद्यालयो को समाप्त करने, कार्यरत शिक्षको एवं कर्मचारियो को आत्महत्या करने को मजबूर करने वाला कदम बताया। श्री आचार्य ने प्रांत सचिव दीपेश ओझा, प्रांतीय उपाध्यक्ष जयंत हलधर, मोनू शर्मा, प्रात कोषाध्यक्ष महेन्द्र शाह, प्रांत सहसचिव दिलीप सिरवाल एवं अमित आचार्य, जिलाध्यक्ष अजरुद्दीन दमोह, अखिलेश दुबे खरगोन, विजय शकर यादव, मनोज कुलकर्णी खण्डवा, यशवंत गोयल धार, पंकज वर्मा आगर, अविनाश उपाध्याय, उज्जैन, ओमप्रकाश पुरोहीत रतलाम, गणेश पाटीदार नागदा, संभागीय अध्यक्ष उज्जैन अशोक परमार एवं सचिव राजेश शर्मा की उपस्थिति में कई शासन विरोधी एवं अशासकीय शिक्षको के हित में प्रस्ताव पारित किए गए। 31 अगस्त को प्रदेश के सभी जिलो पर प्रेस वार्ता का आयोजन किया जाएगा। 31 अगस्त से 10 सितंबर तक सभी अशासकीय विद्यालय संचालक एवं शिक्षक, कर्मचारी गण काली पट्टी बाये बाँह पर बाँधकर विरोध करेंगे। द्वितीय चरण में दिनांक 01 सितंबर से दिनांक 10 सितंबर तक सभी अशासकीय विद्यालयो की हड़ताल रहेगी। पूर्ण रूप से बंद रहेंगे। कोई प्रवेश, टी.सी., शासन को जानकारी देना सभी काम बंद रहेंगे। दिनांक 05 सितंबर शिक्षक दिवस का पूर्ण बहिष्कार करते हुए शासन द्वारा आयोजित कार्यक्रमो के बाहर काली पट्टी बाँधकर काले झण्डे दिखाये जायेंगे। चतुर्थ चरण में प्रदेश की राजधानी भोपाल में सभी जिलो से न्यूनतम 500 विद्यालय संचालक एवं शिक्षक एकत्रित होकर विधान सभा का घेराव करेंगे, मुख्यमंत्री एवं शिक्षामंत्री के बंगलो का घेराव व प्रदर्शन करेंगे। शेष रूपरेखा इस चरण बाद तय की जायेगी। कार्यक्रम में अन्य जिलो के पदाधिकारी गगन शर्मा, सीताराम, अतुल उपाध्याय, संजय, अमित जैन, नरेन्द्र राठौर, दिनेश मेहता, पंकज शर्मा, शेलेन्द्र त्रिवेदी की उपस्थिति में आगर जिलाध्यक्ष पंकज शर्मा ने संचालन किया। बैठक का समापन स्वरुचि भोज से सम्पन्न हुआ।














