देवास। जिले के सोनकच्छ में पुरानी रंजिश के चलते सोमवार रात में करीब 10 से ज्यादा युवकों द्वारा दो युवक पर लोहे की रॉड व हथियारों से हमला कर दिया था। जिसमे प्रतीक सिंह राजपूत उर्फ चिंटू दरबार नाम का एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था जिसे उपचार के लिए इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था परन्तु आज ईलाज़ के दौरान प्रतीक की मौत हो गयी।
सोनकच्छ टी आई नीता देअरवाल से मिली जानकारी अनुसार दोनों पक्षों में विवाद में गंभीर घायल प्रतीक पिता भगवान सिंह राजपूत उर्फ चिंटू दरबार की ईलाज़ के दौरान मौत हो गयी है व उससे मारपीट करने वाले 10 नामजद आरोपियों तथा अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में हत्या करने का प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। टी आई नीता देअरवाल से प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले में अभी तक कुल 9 गिरफ्तारी हो चुकी है।
दरअसल पुरानी रंजिश के चलते सोमवार रात्रि में सोनकच्छ के गीताभवन के सामने दो युवकों पर करीब 10 से अधिक युवकों ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया था। जिसमें से एक युवक की स्थिति गंभीर होने पर उसे इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई है ।
मामले में जांच अधिकारी एस आई राजेश बारेला से प्राप्त जानकारी अनुसार प्रतीक इंदौर के निजी अस्पताल में भर्ती था वहां से गुरुवार को उसके बयान के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई थी । फरियादी प्रतीक ने पुलिस को बताया था कि सोमवार के रात्रि करीबन साढ़े 9 बजे वह और देवेन्द्र उर्फ बल्लू मोटर सायकल से खेडापति मंदिर साँवेर से अपने घर की तरफ जा रहे थे जैसे ही हम दोनो गीता भवन के सामने पहुंचे तभी महेश करवाडिया, पवन धौलपुरे, अजय बगानिया और लखन अपने-अपने हाथों में लोहे की रॉड लेकर मेरी मोटरसाइकिल के सामने आ गये जैसे ही मैंने मोटरसाइकिल रोकी तो महेश ने चाकू निकालकर मेरे बाँये पैर के घुटने के नीचे 3-4 बार वार किए, जिससे मेरे बाये पैर में चोट आकर खून निकलने लगा तथा हम दोनो मोटरसाइकिल से नीचे गिर गए। तभी पवन धौलपुरे ने देशी कट्टा निकालकर हवा में 3-4 फायर किया। बाद महेश, पवन, अजय बगानिया और लखन अस्ताया ने मुझे चारों ने एक मत होकर जान से मारने की नियत से लोहे की रह से बेतहाशा मारना शुरु कर दिया। उसके बाद इनके साथी जगदीश उर्फ जग्गा मालवीय, विष्णु करवाड़िया, संदीप उर्फ सन्नी खेलवाल एवं पकज खेलवाल अपने-अपने हाथों में लोहे की रॉड लेकर आये और इन्होंने भी मुझे जान से मारने की नियत से एक मत होकर मारना शुरू कर दिया। उसके बाद ललित करवाडिया और तुफान अटाडिया अपने दो तीन अन्य साथियों के साथ अपने अपने हाथों में लोहे की रॉड लेकर आये और इन्होंने भी मुझे मारना शुरू कर दिया। महेश, पवन, लखन, अजय, जगदीश उर्फ जागा, विष्णु, सदीप उर्फ सन्नी, पंकज, ललित, तुफान एवं अन्य दो-तीन साथी सभी एकमत होकर जान से मारने की नियत से मुझे लोहे की रॉड से बेतहाशा मार रहे थे, जिससे मेरे सिर में छाती में पीठ में दोनों पैरों में और दोनों हाथों में चोटे आई। जिससे बहुत खून निकलने लगा तथा में बेहोश होने लगा। देवेन्द्र ने बीच बचाव किया जिससे उसे भी चोटे आई है। शिकायत पर पुलिस ने भादवि की धारा में एक जुट होकर जानलेवा हमला करने, हवाई फायर व धारधार हथियार रखने पर आर्म्स एक्ट में प्रकरण दर्ज कर मामले को जांच में लिया है।














