प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर, सीएमएचओं, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
देवास। गुरूवार को आशा कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकोंं ने प्रदर्शन करते हुए राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा किये जा रहे शोषण के विरूद्ध आवाज उठाई। कलेक्टर, सीएमएचओ एवं एसडीएम को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग करते हुए कहा गया कि मिशन संचालक द्वारा 24 जून 2021 के निर्णय के आधार पर वेतन वृद्धि करते हुये आशा को 10,000 एवं पर्यवेक्षकों को 15,000 रु . वेतन निश्चित प्रोत्साहन राशि दिये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी किये जाए। अल्प वेतन देकर आशा एवं पर्यवेक्षकों के अमानवीय शोषण किया जा रहा है।
आशा ऊषा एवं पर्यवेक्षक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कार्यकर्ता है। आशा कार्यकर्ताओं एवं पर्यवेक्षकों पर राज्य एवं केन्द्र सरकारे पुरा भरोसा करते हुए नाज करती है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिये विभागीय अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा आशाओं को प्रमाण पत्र देकर बार बार सम्मान किया गया है, लेकिन केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा आशा एवं पर्यवेक्षकों का 2000 रुपये के अल्प वेतन देकर आशाओं का अमानवीय शोषण किया जा रहा है। भीषण मंहगाई के दोर में बेहद अल्प वेतन में उन्हें अपनी जिन्दगी और परिवार चलाने के लिये विवश किया जा रहा है।
अधिकांश राज्य सरकारे स्वास्थ्य के क्षेत्र में आशा एवं पर्यवेक्षकों के योगदान को ध्यान में रखते हुये अपनी और से अतिरिक्त वेतन देकर उन्हें राहत पहुंचा रही है , लेकिन मध्य प्रदेश सरकार आशाओं को अपनी और से कुछ भी नहीं दे रही है। दिन रात काम करने के बावजूद न्यायपूर्ण वेतन दिये जाने की आशाओं एवं पर्यवेक्षकों की मांगों के प्रति प्रदेश सरकार आंखें मूंदकर बैठी हुयी है। इन महिला कर्मियों के प्रति सरकार का रवैया बेहद अन्यायपूर्ण है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सहित सभी मंत्रियों एवं जन प्रतिनिधियों ने आशाओं के काम की तारीफ करते हुये वेतन वृद्धि की मांग को न्यायपूर्ण मानते हुये शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया, लेकिन आज तक उनकी सुध नहीं लेते हुए वेतनवृद्धि नहीं की गयी। शहर सहित प्रदेशभर में आशा एवं पर्यवेक्षकों ने स्वयं एवं स्थानीय प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर न्यायपूर्ण वेतन देकर आशा एवं पर्यवेक्षकों के साथ न्याय किये जाने की मांग की गयी है।














