कन्नौद क्षेत्र में दर्जन भर से अधिक अवैध क्लिनिक हो रहे हैं संचालित
कन्नौद(चंचल भारतीय) :विगत दिनों ग्राम विक्रमपुर के हेमंत शर्मा द्वारा जिला स्वास्थ्य अधिकारी देवास को शिकायत की गई कि कन्नौद में अंकित दवाखाना के झोला छाप डॉक्टर “लिटिल दास” द्वारा मेरा गलत इलाज कर मेरे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। जिस पर से जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने कन्नौद बीएमओ डॉ लोकेश मीणा को आदेश जारी करते हुए टीम गठित कर उक्त हॉस्पिटल की जांच कर उचित कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए थे।
आदेश के बाद बीएमओ व टीम द्वारा गुरुवार को स्वास्थ्य दल के साथ डॉ लोकेश मीणा ने अंकित दवाखाना पहुंचे जहां पर बंगाली “डॉ लिटोन दास” द्वारा क्लिक पर पेशेंट को बोटल व इंजेक्शन लगाते पाया गया। क्लिनिक पर दवाइयों का भंडार मिला। जब इस संबंध में डॉक्टर से डिग्री के बारे में पूछा गया तो बंगाली डॉ लिटोंन ने बताया कि मेरे कागजात घर पर रखे हैं। क्लिनिक पर कागज नहीं मिलने पर बीएमओ मीणा द्वारा पंचनामा बनाकर डॉक्टर को 2 दिन का समय देते हुए क्लीनक को संचालित कर उपचार ना करने के निर्देश देते हुए क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन और डिग्री सहित वेध दस्तावेज प्रस्तुत करने की बात कही।बंगाली डॉक्टर का अंकित क्लीनिक को प्राथमिक तौर पर जांच के आधार पर बंद करा दिया गया है। अब देखना है कि उक्त मरीज को कैसे न्याय मिलेगा क्या ऐसे ही डॉक्टर बंगालियों के द्वारा मरीजों के साथ खिलवाड़ किया जाएगा। अगर डॉक्टर बंगाली के द्वारा इलाज के दौरान मरीज की मौत हो जाती तो इसके जिम्मेदार प्रशासन होता है या बंगाली डॉक्टर।
सीएमएचओ देवास के निर्देशन में कन्नौद के अंकित क्लीनिक का निरीक्षण किया गया जहां पर भारी अनियमितताएं मिली हैं। जिस के संबंध में पंचनामा बनाया गया है
2 दिन में क्लीनिक संबंधी दस्तावेज भी उपलब्ध करवाने को आदेशित किया गया है। जिसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जावेगी – डॉ.लोकेश मीणा”
बीएमओ कन्नौद














