देवास। शस्त्र जीवन के रक्षक है। वे बुराईयों का नाश करके सुखद जीवन मूल्यों की रक्षा करते हैं। वर्तमान समय में धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए शस्त्र पूजन का महत्व है यह हमारे वीरोचित गुणों को निरंतरता प्रदान करता है। उपरोक्त विचार सरस्वती विद्या मन्दिर विजयनगर में मुख्य वक्ता महेन्द्रपाल सिंह जी सिसोदिया ने शस्त्र पूजन के अवसर पर भैया/बहनों के समक्ष रखें। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना से हुआ। अतिथि परिचय और स्वागत संस्था प्राचार्य श्रीमती इन्दिरा शर्मा ने किया। विद्यालय में मुख्य अतिथि महेन्द्रपाल सिंह जी सिसोदिया, सतीश जी मुकाती (सचिव विद्यालयीन समिति) राजेन्द्र जी पोरवाल कन्या पात्र पूजन तथा वैदिक पूजा पाठ के साथ मां जगदम्बा की आराधना की गई। शस्त्र पूजा दशहरा उत्सव का हिस्सा है, जो राक्षस राजा रावण पर भगवान राम की जीत में चिन्हित करने के लिए मनाया जाता है। कार्यक्रम का संचालन युवराज व्यास और आभार अश्विनी कुमार पाठक ने माना। इस अवसर पर भैया/ बहनों के साथ साथ विद्यालय के दीदी/आचार्यों भी शस्त्र पूजन किया। इस अवसर पर विद्यालय की बहनों ने आकर्षक गरबा नृत्य करते मां दुर्गा की पूजा अर्चना की।

उपरोक्त जानकारी विद्यालय के प्रचार प्रसार प्रमुख किशोर हुए ने दी।














