देवास। जिले के बागली थाना अंतर्गत ग्राम भीलआमला में मई 2019 में हुई महिला की हत्या के मामले में बागली न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए उसके पति को हत्या का दोषी करार देकर आजीवन कारावास एवं 1 हजार रूपए के अर्थदंड की सजा से दण्डित किया।
एजीपी अखिलेश मंडलोई ने बताया कि 25 मई 2019 को आरोपी किशन पिता प्रेमसिंह के पुत्र करण ने बागली थाने की कमलापुर चौकी पर आकर रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। जिसमें उसने कहा कि 24 मई 2019 की रात 8 बजे मेरी मम्मी अनिता व पापा किशन और मैं घर पर थे। उस समय पापा ने मम्मी से पैसे मांग रहे थे। अनिता ने पैसे देने से मना किया तो किशन उसे हाथ-थप्पड़ से मारपीट करने लगा। करण बीच-बचाव करने लगा तो उसके पापा मम्मी को घर के सामने ओसारी में लाकर मारपीट करने लगा। तब करण पड़ोस से काका भूनसिंह को बुलाकर लाया।भूनसिंह बीच-बचाव करने लगा तो किशन ने उस पर ईंट फेंकी थी, जिस पर भूनसिंह वहां से भाग गया था। इसके बाद किशन ने पुत्र करण को कमरे में बंद कर दिया और बाहर से ताला लगा दिया। सुबह अनुबाई ने दरवाजा खोला तो करण बाहर आया तो ओसरी में उसकी मम्मी मरी पड़ी थी, उसके सिर में चोट लगी थी। रात में उसके पापा ने उसकी मम्मी के साथ मारपीट कर उसकी हत्या कर दी है।पुलिस घटनास्थल ग्राम भीलआमला पहुंची और आवश्यक कार्यवाही कर आरोपी किशन के पुत्रों करण, श्रवण व पुत्री शारदा, आरोपी के काका भानुसिंह, आरोपी की भाभी अनुबाई और गांव के चौकीदार भावसिंह के कथन दर्ज किया। शव का पीएम करवाकर उसे परिजनों को सौंपा गया और 27 मई को पुलिस ने आरोपी किशन को हिरासत में ले लिया था। जिसके बाद अब न्यायालय ने तीन वर्षों तक केस चलने के बाद तमाम गवाह व सबूतों के आधार पर बीते 8 दिसंबर को न्यायालय द्वारा आरोपी किशन को धारा 320 भादवी के तहत आजीवन कारावास की सजा व 1000 अर्थदंड से दण्डित किया है।














