• पहले निजी थाने का प्रस्ताव अब ऑनलाइन बिल की अनिवार्यता न्याय संगत नहीं…
देवास। विद्युत वितरण कंपनी लगातार अपनी विश्वसनीयता खोती चली जा रही है विद्युत उपभोक्ताओं का विश्वास पहले ही पूरी तरह से कम्पनी के ऊपर से उठ चुका है। लोगों को लगातार भारी भरकम बिल मिल रहे जिससे विधुत उपभोक्ता पहले ही परेशान हैं। विद्युत वितरण कंपनी लोगों को राहत देने के बजाय ऐसे निर्णय ले रही है जिससे कि उपभोक्ताओ को और परेशानी का सामना करना पड़े।
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मनोज राजानी व प्रवक्ता सुधीर शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों विद्युत वितरण कंपनी ने निर्णय लिया कि बिजली बिल की वसूली के लिए निजी पुलिस थाने बनाए जाएंगे जो लोगों से बिजली बिलों की वसूली करेगी। अब निर्णय लिया है कि 1 अप्रैल से बिजली बिलों का भुगतान विद्युत मंडल के काउंटर पर नहीं होगा ऑनलाइन किया जाएगा ।कांग्रेस ने इस निर्णय को अव्यहवारिक व गैर जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि अधिकांश विद्युत उपभोक्ता बिलो में आ रही बढ़ी हुई राशि के मिल रहे बिलों को किस्त के रूप में जमा कराते हैं। या विधुत बिलो की गड़बड़ियों को सुधरवाते हे तब अधिकारी उनके बीलों पर ही करेक्शन कर के दे देते हैं । ऐसे बिलो का भुगतान ऑनलाइन नहीं हो कर विधुत मंडल के काउंटर पर ही होता है । जब बिलों का भुगतान ऑनलाइन होगा तो विद्युत उपभोक्ता अपने बिल की राशि किस्तों में नहीं जमा करा पाएंगे। साथ ही विद्युत उपभोक्ताओं को बार-बार अपने बिलो को सुधारने के लिए विद्युत मंडल के कार्यालय पर जाना पड़ेगा और फिर से उन्हें नया बिल लेना पड़ेगा तभी उसका भुगतान ऑनलाइन किया जा सकेगा। ग्रामीण क्षेत्र के लोग कीस तरह से ऑनलाइन बिलों को जमा करेंगे इसका कोई खुलासा विद्युत मंडल ने नहीं किया है। कांग्रेस ने मांग की है की विद्युत मंडल कार्यालय में कैश काउंटर बंद करने की बजाए विद्युत वितरण कंपनी को छोटे-छोटे शहरों के अनेक हिस्सों में भी और काउंटर बढ़ाना चाहिए ना कि ऑनलाइन बिल जमा करने की व्यवस्था। कांग्रेस ने मांग की है कि विद्युत वितरण कंपनी ऑनलाइन विद्युत बिलों की जमा की अनिवार्यता को लागू नहीं करें जो विद्युत उपभोक्ता ऑनलाइन बिल जमा करना चाहे वो ऑनलाइन जमा कर दें जो । जो विद्युत मंडल के काउंटर पर जमा करना चाहे वह काउंटर पर बिल जमा कर दें , दोनों व्यवस्थाएं पूर्ववर्ती लागू रहे ।














