• मरीज ने समय पर इलाज व दवाई न मिलने के लगाए आरोप
देवास। महात्मा गांधी जिला अस्पताल में समय पर इलाज दवाई न मिलने के मरीज द्वारा आरोप लगाए गए है। मरीज ने कहा देर रात अस्पताल में इलाज के लिए आया था, अस्पताल में दवाई उपलब्ध नहीं हो सकी हालाकि मरीज की बात को स्वास्थ विभाग अधिकारी नकार रहे है।
महात्मा गांधी जिला अस्पताल में समय पर इलाज दवाई न मिलने के मरीज द्वारा आरोप लगाए गए है। मरीज ने कहा देर रात अस्पताल में इलाज के लिए आया था, अस्पताल में दवाई उपलब्ध नहीं हो सकी हालाकि मरीज की बात को स्वास्थ विभाग अधिकारी नकार रहे है। जिले का शासकीय अस्पताल महात्मा गांधी जिला चिकित्सालय खुद बीमार है। प्रशासन मरीजों को मुफ्त और बेहतर इलाज के दावे तो करता हैं लेकिन हकीकत इससे जुदा है। यहां आने वाले मरीज को तत्काल रेफर करना तो आम बात है। साथ ही रात को आने वाले मरीजों को दवाइयों के साथ एक्सरे के लिए भी परेशान होना पड़ता है। दवाइयां इमरजेंसी में तक नहीं मिलना बड़ी ही लापरवाही उजागर करता है। सीएमएचओ एमपी शर्मा दवाइयों को भरपूर स्टॉक होने की बात कह रहे हैं। इधर मौजूद डॉक्टर मरीज के परिजनों को निजी अस्पताल से दवाई लेकर आने की बात कहते हुए नजर आ रहे हैं।
दरअसल देवास जिले के ग्राम देवर में रहने वाला अमजद पटेल आंख में तकलीफ होने के चलते रात को जिला चिकित्सालय पहुंचा था। जिला अस्पताल में मौजूद मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर मोहम्मद आसिफ शेख ने मरीज के परिजन को पर्ची पर दवाई लिखकर दी। जब परिजन ने मेडिकल बंद होने के बाद कही तो डॉक्टर मोहम्मद आसिफ शेख ने संस्कार हॉस्पिटल से दवाई लाने की बात कह डाली। जब मरीज के परिजन ने इमरजेंसी से दवाई देने की बात कही तो डॉक्टर ने इमरजेंसी में दवाइयां नहीं होने की बात कह कर संस्कार हॉस्पिटल से दवाइयां लाने की बात कही। जब पब्लिक न्यूज के रिपोर्टर ओमप्रकाश सेन ने दवाइयों उपलब्ध नहीं होने को लेकर मेडिकल ऑफिसर डॉ. मोहम्मद आसिफ शेख से सवाल किया तो डॉक्टर साहब पल्ला झाड़ते हुए पुलिस बुलाने की धमकी देने लगे। कुछ देर बाद डॉ शेख खुद कबूल करते हुए नजर आए कि हमारे यहां पर दवाइयां उपलब्ध नहीं है इसलिए संस्कार हॉस्पिटल से लेना होगा।
सीएमएचओ डॉ एमपी शर्मा का कहना है कि दवाइयां की कोई कमी है। ऐसी जानकारी मुझे नहीं मिली है। हमारे पास पर्याप्त मात्रा में दवाइयां है। राज्य शासन ने करीब 480 से अधिक दवाइयां उपलब्ध कराई है। साथ ही कहा की अगर कोई डॉक्टर निजी अस्पताल की दवाई लिख रहा है तो यह गलत है और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब देखना हैं सीएमएचओ डॉक्टर के खिलाफ कोई एक्शन लेते हैं या नहीं।
















